दिशोम गुरु के लिए, वीर शिबू सोरेन अमर रहे के नारे से गूंजी रांची

दिल्ली से पार्थिव शरीर पहुंचते ही अंतिम दर्शन को उमड़ा जनसैलाब रांची: झारखंड आंदोलन से सबसे बड़ी जननायक, आदिवासी अस्मिता के प्रतीक और झारखंड आंदोलन के पुरोधा दिशोम गुरु शिबू सोरेन अब हमारे बीच नहीं हैं। रविवार की शाम जब उनका पार्थिव शरीर रांची एयरपोर्ट पहुंचा, तो मानो पूरा झारखंड ठहर गया। एयरपोर्ट से लेकर … Read more

दिशोम गुरु शिबू सोरेन को एक झलक पाने उमड़ा जनसैलाब

झारखंड आंदोलन के जननायक और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री दिशोम गुरु शिबू सोरेन के पार्थिव शरीर के रांची पहुंचते ही श्रद्धांजलि देने वालों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। राजधानी रांची की सड़कों पर लोगों का ऐसा सैलाब देखने को मिला, जैसा सिर्फ ऐतिहासिक पलों में ही नजर आता है। “गुरुजी अमर रहें”, “झारखंड की शान … Read more

रामगढ़ में आज होगा अंतिम संस्कार, छोटे बेटे बसंत सोरेन देंगे मुखाग्नि

रांची झारखंड आंदोलन के प्रणेता, पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद दिशोम गुरु शिबू सोरेन का पार्थिव शरीर आज रांची पहुंच गया है। उनके निधन से पूरे राज्य में शोक की लहर है। हजारों की संख्या में लोग अपने प्रिय नेता के अंतिम दर्शन के लिए उमड़ रहे हैं। सरकारी सूत्रों के अनुसार, शिबू सोरेन का … Read more

शिबू सोरेन ने यूं चुकाया था ठाकुर सरयू प्रसाद की ‘मदद’ का कर्ज

बात 1970 के दशक की है। झारखंड आंदोलन अपने शुरुआती दौर में था और दिशोम गुरु शिबू सोरेन संघर्ष के कठिन रास्ते पर थे। न संसाधन थे, न पहचान। ऐसे वक्त में एक नामचीन ज़मींदार ने उनका साथ दिया- ठाकुर सरयू प्रसाद सिंह। बोकारो के माराफारी इलाके के ठाकुर साहब न केवल सामाजिक हैसियत में … Read more

सरायढेला के काली मंदिर में शिबू की हुंकार से कांप उठा था प्रशासन

बात 1970 के दशक की है। धनबाद जिले के सरायढेला स्थित काली मंदिर का परिसर, उस दिन किसी युद्धभूमि जैसा प्रतीत हो रहा था। पारंपरिक हथियारों से लैस आदिवासी समुदाय का हुजूम वहां जुटा था। उनके हाथों में तीर-धनुष, फरसा, कुल्हाड़ी जैसे हथियार थे और दिलों में वर्षों का दमन झेलने का गुस्सा। बिनोद बिहारी … Read more

हार-जीत, संघर्ष और चुनौतियों से भरा रहा आंदोलन से सत्ता तक का सफर

 झारखंड आंदोलन के सबसे प्रखर चेहरा रहे शिबू सोरेन का सियासी जीवन उतार-चढ़ाव और संघर्ष की मिसाल रहा है। उन्हें केवल एक राजनेता के तौर पर नहीं, बल्कि आदिवासी अस्मिता के प्रतीक के रूप में देखा गया। ‘गुरुजी’ के नाम से प्रसिद्ध शिबू सोरेन का राजनीतिक जीवन 1970 के दशक में आदिवासियों की जमीन की … Read more

खामोश हो गया झारखंड ! जब गुरुजी को सीधे गोली मारने का था आदेश

झारखंड आंदोलन के एक अनसुने सिपाही मो. नौशाद आज टूटे हुए हैं। मोहनपुर प्रखंड के पाटजोर गांव के इस बुजुर्ग का शरीर भले ही अब जवाब देने लगा हो, लेकिन जब शिबू सोरेन की याद आती है, तो जैसे भीतर से कोई पुरानी आग फिर से भड़क उठती है। गुरुजी के निधन की खबर ने … Read more

बहू सीता सोरेन ने कहा “हम आपको कभी अलविदा नहीं कह सकते”

रांची। झारखंड आंदोलन के प्रणेता और दिशोम गुरु शिबू सोरेन को उनकी बड़ी बहू और झारखंड मुक्ति मोर्चा की पूर्व विधायक सीता सोरेन ने भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है। सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से उन्होंने न केवल पारिवारिक शोक को शब्द दिए, बल्कि झारखंड की उस विरासत को भी याद किया, जिसकी नींव गुरूजी … Read more

टुंडी के पहाड़ियों से उठी जननायक की पुकार,अब “खामोश हो गया

टुंडी के पोखरिया गांव की शांत पहाड़ियों के बीच बसा एक मिट्टी का छोटा-सा आश्रम—बाहरी दुनिया के लिए सामान्य, लेकिन झारखंड की आत्मा के लिए एक क्रांतिकारी तीर्थ। यही वह स्थल था, जहां शिवचरण मांझी ने संघर्ष की राह पर पहला कदम रखा, और ‘शिबू सोरेन’ बने—जनता के ‘गुरुजी’। यह आश्रम कोई धार्मिक स्थल नहीं … Read more

भारतीय सशस्त्र बल मनोवैज्ञानिक प्रभुत्व से प्रेरित पांचवीं पीढ़ी के संघर्षों के लिए तैयार

नई दिल्ली । सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने ऑपरेशन ‘सिंदूर’ को आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई बताते हुए भारत के आतंकवाद रोधी सिद्धांत को नई परिभाषा दी। उन्होंने कहा कि 88 घंटे का यह ऑपरेशन पैमाने, सीमा, गहराई और रणनीतिक प्रभाव की दृष्टि से अभूतपूर्व था।युद्ध की बदलती प्रकृति पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने इस बात … Read more