दुमका से आनंद जायसवाल की रिपोर्ट:
झारखंड के दुमका स्थित फूलो-झानो मेडिकल कॉलेज अस्पताल का नाम बदलने को लेकर सियासी पारा चढ़ गया है। पूर्व मुख्यमंत्री व भाजपा नेता चंपई सोरेन ने अस्पताल का नाम केवल “गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल” रखे जाने पर कड़ा विरोध दर्ज कराया है। उन्होंने इस मुद्दे को संताल हूल के गौरवशाली इतिहास और आदिवासी वीरांगनाओं के सम्मान से जोड़ते हुए अपनी आपत्ति जताई है।
अधिकारियों को दी चेतावनी :
चंपई सोरेन ने इस संबंध में अस्पताल निर्माण में जुटी कंपनी ‘लार्सन एंड टर्बो’ के प्लानिंग मैनेजर और मेडिकल कॉलेज के वाइस प्रिंसिपल से बातचीत की है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि नाम में सुधार नहीं हुआ, तो 30 जून यानी ‘हूल दिवस’ के अवसर पर संताल परगना के मांझी हाड़ाम और पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था के प्रतिनिधि यहाँ एक बड़ा आंदोलन खड़ा करेंगे।
नाम में ‘मुर्मू’ जोड़ने की मांग :
पूर्व सीएम ने मांग की है कि संस्थान के नाम में “मुर्मू” शब्द को अवश्य जोड़ा जाए, ताकि फूलो-झानो मुर्मू की ऐतिहासिक विरासत सुरक्षित रह सके। इसके अलावा, उन्होंने दिग्घी में बनने वाले नए बस टर्मिनल का नाम भी ‘चांद-भैरव’ के नाम पर रखने की मांग की है। चंपई सोरेन के इस रुख ने दुमका में राजनीतिक और सामाजिक बहस को नई धार दे दी है।





