महागामा नगर पंचायत के बसुआ चौक पर पिछले कई दिनों से कचरे का अंबार लगा है। गंदगी और दुर्गंध के कारण राहगीरों, दुकानदारों और निवासियों का जीना दूभर हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को कई बार सूचना देने के बाद भी सफाई के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। इस अव्यवस्था से संक्रामक बीमारियों और दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ रहा है।
महागामा: बसुआ चौक की गंदगी ने खोली नगर पंचायत की सफाई व्यवस्था की पोल
महागामा : महागामा नगर पंचायत का बसुआ चौक, जो कभी शहर की चहल-पहल और व्यापार का केंद्र हुआ करता था, आज अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। पिछले कई दिनों से यहाँ कचरे का अंबार लगा हुआ है, जिसने न केवल स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि आम जनजीवन को भी नर्क जैसा बना दिया है। सड़क के किनारे जमा कूड़े के ढेर से उठ रही भयंकर दुर्गंध और चारों ओर फैली गंदगी ने निवासियों और दुकानदारों का जीना दूभर कर दिया है।
व्यस्ततम चौक का दम तोड़ता व्यापार
बसुआ चौक महागामा के सबसे व्यस्त इलाकों में से एक है। यहाँ प्रतिदिन हजारों की संख्या में राहगीरों और खरीदारों का आवागमन होता है। स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि कचरे की गंदगी और उससे उठने वाली सड़न के कारण ग्राहकों का उनके प्रतिष्ठानों पर रुकना मुश्किल हो गया है। जो लोग यहाँ सामान लेने आते हैं, वे नाक पर रुमाल रखकर गुजरने को मजबूर हैं। इसका सीधा असर दुकानदारों की कमाई पर पड़ा है और उनके व्यापार पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। कचरे के इन ढेरों पर आवारा मवेशियों का जमावड़ा भी बना रहता है, जिससे न केवल गंदगी और बढ़ती है, बल्कि आने-जाने वाले वाहनों के लिए भी यह एक बड़ा खतरा बन गया है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका लगातार बनी रहती है।
प्रशासनिक उदासीनता और स्वास्थ्य पर मंडराता खतरा
यह अत्यंत चिंताजनक है कि इस समस्या को लेकर स्थानीय निवासियों और व्यापारियों ने कई बार नगर पंचायत प्रशासन को अवगत कराया है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। नगर पंचायत प्रशासन की यह अनदेखी क्षेत्रवासियों में गहरा आक्रोश पैदा कर रही है। गर्मी का मौसम अपने चरम पर है, और ऐसे में सड़ते हुए कचरे के ढेर संक्रामक बीमारियों के लिए ब्रीडिंग ग्राउंड बन गए हैं। यदि स्थिति यही रही तो मलेरिया, डायरिया और अन्य मौसमी बीमारियों का प्रकोप फैलने से इनकार नहीं किया जा सकता। स्थानीय लोग इस बात को लेकर सशंकित हैं कि प्रशासन किसी बड़ी अनहोनी का इंतज़ार कर रहा है।

स्थायी समाधान की उम्मीद में क्षेत्रवासी
आक्रोशित क्षेत्रवासियों ने नगर पंचायत प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि बसुआ चौक पर तत्काल सफाई अभियान चलाया जाए और इसे कचरा मुक्त बनाया जाए। केवल दिखावे के लिए सफाई करना पर्याप्त नहीं है; लोगों ने मांग की है कि नगर पंचायत कचरा उठाव के लिए एक स्थायी और प्रभावी व्यवस्था लागू करे। डोर-टू-डोर कचरा संग्रह और उसे समय पर निस्तारित करने की उचित प्रक्रिया अपनाना अब समय की मांग है। लोगों का कहना है कि वे टैक्स भरते हैं, तो उन्हें स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण पाने का पूरा अधिकार है।
चेतावनी: समय रहते नहीं सुधरे हालात तो बढ़ेंगे खतरे
साफ-सफाई की इस लचर व्यवस्था ने नगर पंचायत की ‘स्वच्छता’ दावों की पोल खोल दी है। नागरिक अब आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं। यदि प्रशासन ने समय रहते इस गंभीर समस्या का समाधान नहीं किया, तो स्वास्थ्य संबंधी खतरे और अधिक गंभीर रूप ले सकते हैं, जिसकी पूरी जिम्मेदारी नगर पंचायत की होगी। बसुआ चौक की जनता अब केवल आश्वासनों से संतुष्ट होने वाली नहीं है, उन्हें धरातल पर बदलाव चाहिए ताकि वे सम्मान और स्वास्थ्य के साथ अपना दैनिक जीवन बिता सकें। महागामा प्रशासन को अब जागने और इस चुनौती को प्राथमिकता के आधार पर हल करने की आवश्यकता है।



