गोड्डा: माहवारी को लेकर झिझक तोड़ें, जागरूकता ही बेहतर स्वास्थ्य का आधार: उप विकास आयुक्त
गोड्डा। विश्व मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन दिवस 2026 के अवसर पर गोड्डा के डीएमएफटी सभागार में एक भव्य जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मासिक धर्म के प्रति समाज में व्याप्त चुप्पी को तोड़ने और वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने पर जोर दिया गया। उप विकास आयुक्त विस्पुते श्री कांत यशवंत की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम ने जिले में स्वास्थ्य के प्रति एक नई जागरूकता का संचार किया है।

प्राकृतिक प्रक्रिया को समझना और अपनाना है जरूरी
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उप विकास आयुक्त विस्पुते श्री कांत यशवंत ने कहा कि मासिक धर्म एक पूरी तरह से प्राकृतिक और जैविक प्रक्रिया है। इसे छिपाने या इससे जुड़ी भ्रांतियों को पालने की कोई आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि समाज में जब तक हम इस विषय पर खुलकर चर्चा नहीं करेंगे, तब तक किशोरियां झिझक के कारण स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित रहेंगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि किशोरियों और महिलाओं को स्वच्छता के प्रति जागरूक बनाकर ही एक बेहतर और स्वस्थ समाज की नींव रखी जा सकती है।
स्वच्छता, पोषण और देखभाल पर केंद्रित रही कार्यशाला
इस जागरूकता सत्र के दौरान किशोरियों को माहवारी के दौरान बरती जाने वाली स्वच्छता संबंधी सावधानियों के बारे में विस्तार से बताया गया। कार्यक्रम में संतुलित पोषण, व्यक्तिगत स्वच्छता के महत्व और सैनिटरी उत्पादों के सही उपयोग व उनके निपटान (डिस्पोजल) पर विशेष जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने किशोरियों को बताया कि कैसे साफ-सफाई न रखने से संक्रमण और अन्य स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। संतुलित आहार कैसे माहवारी के दौरान शारीरिक कमजोरी को कम करने में मदद करता है, इस पर भी चर्चा की गई।
स्वच्छता किट का वितरण और संकल्प की शपथ
कार्यक्रम का सबसे प्रेरणादायक क्षण वह रहा जब उप विकास आयुक्त ने उपस्थित किशोरियों के बीच स्वच्छता किट का वितरण किया। यह किट केवल सामग्री नहीं, बल्कि उन्हें सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जीने का एक माध्यम प्रदान करने का प्रयास है। इसके बाद, उप विकास आयुक्त ने सभी उपस्थित अधिकारियों, आंगनबाड़ी सेविकाओं, महिला पर्यवेक्षिकाओं और किशोरियों को मासिक धर्म स्वच्छता एवं स्वास्थ्य के प्रति पूरी गंभीरता बरतने की शपथ दिलाई। सभी ने संकल्प लिया कि वे अपने आसपास के वातावरण में भी इस विषय पर जागरूकता फैलाएंगे।
सामुदायिक सहयोग की भूमिका
इस कार्यक्रम में जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों सहित आंगनबाड़ी सेविकाएं और बड़ी संख्या में किशोरियां शामिल हुईं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से बताया गया कि इस प्रकार के कार्यक्रम पंचायत और गांव स्तर पर भी नियमित रूप से किए जाएंगे ताकि कोई भी किशोरी जानकारी के अभाव में किसी स्वास्थ्य समस्या का सामना न करे।
यह कार्यक्रम गोड्डा प्रशासन की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसमें वह सामाजिक कुरीतियों को दूर कर अपनी नागरिक आबादी, विशेषकर किशोरियों को स्वास्थ्य के मामले में आत्मनिर्भर बनाना चाहता है। माहवारी स्वच्छता के प्रति यह जागरूकता गोड्डा की बेटियों के आत्मविश्वास को बढ़ाएगी और उन्हें बेहतर स्वास्थ्य प्रबंधन के प्रति प्रेरित करेगी।



