भागलपुर के जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने विक्रमशिला सेतु पर चल रहे बेली ब्रिज निर्माण कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि क्षतिग्रस्त स्लैब को बदल दिया गया है और शेष लॉन्चिंग कार्य तेजी से चल रहे हैं। सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए चौथा बेली ब्रिज बनाया जा रहा है। जिला प्रशासन ने 7 जून 2026 से पहले पुल पर सुरक्षित यातायात बहाल करने का सख्त लक्ष्य निर्धारित किया है।
विक्रमशिला सेतु का कायाकल्प: निरीक्षण के बाद निर्माण कार्यों में आई तेजी
भागलपुर के जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने शुक्रवार को विक्रमशिला सेतु पर जारी बेली ब्रिज निर्माण और आवागमन पुनर्बहाली कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। निर्माण कार्य की धीमी गति पर नजर रखते हुए उन्होंने बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन (BRO) और संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी हाल में कार्य की गति को कम न होने दिया जाए ताकि आम जनता को जल्द से जल्द राहत मिल सके।
सुरक्षा और गुणवत्ता पर प्रशासन का विशेष जोर
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने पुष्टि की कि पुल के क्षतिग्रस्त स्लैब को हटाकर नया हिस्सा सफलतापूर्वक लॉन्च किया जा चुका है। तकनीकी ऑडिट रिपोर्ट में चिन्हित दो अन्य संवेदनशील हिस्सों पर भी काम पूरा कर लिया गया है। सुरक्षा मानकों के प्रति प्रशासन की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अतिरिक्त मजबूती के लिए चौथे बेली ब्रिज का निर्माण युद्धस्तर पर किया जा रहा है।
7 जून तक यातायात बहाली की समय-सीमा
प्रशासन ने जनता को आश्वस्त किया है कि सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। यातायात को सुचारू और सुरक्षित बनाने के लिए पहुंच पथ का निर्माण, पुल के एंगल्स की तकनीकी जांच, कोटा केबिन की स्थापना तथा प्रॉपर लाइनिंग और मार्किंग जैसे कार्यों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। विभागीय सचिव स्तर से भी इस परियोजना की निरंतर निगरानी की जा रही है, जिससे कार्यों में निरंतरता बनी हुई है।
जनता के लिए सुरक्षित आवागमन की प्रतिबद्धता
जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने दोहराया कि विक्रमशिला सेतु को 7 जून 2026 से पूर्व हर हाल में यातायात के लिए चालू कर दिया जाएगा। दिन-रात काम कर रही तकनीकी टीम और प्रशासन के तालमेल से यह उम्मीद जताई जा रही है कि तय समय-सीमा के भीतर पुल का आवागमन फिर से सामान्य हो जाएगा। जिला प्रशासन की यह कवायद भागलपुर के निवासियों और सेतु का उपयोग करने वाले हजारों यात्रियों के लिए बड़ी राहत लेकर आएगी।


