भागलपुर के शाहकुंड अंचल कार्यालय में नगर पंचायत अकबरनगर की सशक्त स्थायी समिति का चुनाव संपन्न हुआ। गुप्त मतदान के जरिए हुए चुनाव में कहकशां परवीन, पिंटू कुमार और झगमाया देवी ने जीत हासिल की। तीनों सदस्य पहले भी समिति में शामिल थे और अध्यक्ष के समर्थन प्राप्त प्रत्याशी माने जाते हैं। चुनाव परिणाम को अध्यक्ष की राजनीतिक मजबूती और नगर पंचायत बोर्ड में उनके प्रभाव के रूप में देखा जा रहा है।
अकबरनगर नगर पंचायत की सशक्त स्थायी समिति में अध्यक्ष समर्थित सदस्यों की दोबारा जीत :-
शाहकुंड अंचल कार्यालय में संपन्न हुआ चुनाव
भागलपुर जिले के शाहकुंड अंचल कार्यालय में शुक्रवार को नगर पंचायत अकबरनगर की सशक्त स्थायी समिति के गठन के लिए चुनाव संपन्न कराया गया। बिहार सरकार की विभागीय अधिसूचना के अनुरूप आयोजित इस चुनाव में नगर पंचायत के वार्ड पार्षदों ने भागीदारी निभाई। चुनाव प्रक्रिया शांतिपूर्ण वातावरण में गुप्त मतदान के माध्यम से पूरी की गई। तीन पदों के लिए कुल छह उम्मीदवार मैदान में थे, जिनके बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला।
पहले पद पर पिंटू कुमार ने दर्ज की जीत
सशक्त स्थायी समिति के पहले पद के लिए वार्ड पार्षद संख्या 8 के पिंटू कुमार और वार्ड पार्षद संख्या 6 की पूनम देवी के बीच मुकाबला हुआ। मतदान के बाद हुई मतगणना में पिंटू कुमार को कुल 7 मत प्राप्त हुए, जबकि पूनम देवी को 4 वोट मिले। इस प्रकार पिंटू कुमार ने स्पष्ट अंतर से जीत हासिल करते हुए समिति में अपनी जगह बरकरार रखी।
कहकशां परवीन को मिला पार्षदों का समर्थन
दूसरे पद के लिए वार्ड पार्षद संख्या 3 की कहकशां परवीन और वार्ड पार्षद संख्या 1 की आशा देवी आमने-सामने थीं। चुनाव में कहकशां परवीन को 7 मत प्राप्त हुए, जबकि आशा देवी को 4 वोट मिले। इस जीत के साथ कहकशां परवीन ने एक बार फिर समिति में अपना स्थान सुरक्षित कर लिया। उनके पक्ष में पड़े मतों को नगर पंचायत के भीतर उनके प्रभाव और समर्थन का संकेत माना जा रहा है।
तीसरे पद पर रोमांचक मुकाबला
तीसरे पद के लिए सबसे दिलचस्प मुकाबला देखने को मिला। वार्ड पार्षद संख्या 10 की झगमाया देवी और वार्ड पार्षद संख्या 11 की अमृता कुमारी के बीच कांटे की टक्कर रही। मतगणना में झगमाया देवी को 6 मत प्राप्त हुए, जबकि अमृता कुमारी को 5 वोट मिले। मात्र एक वोट के अंतर से मिली इस जीत ने चुनाव को बेहद रोचक बना दिया। झगमाया देवी की जीत ने यह स्पष्ट कर दिया कि उन्हें बोर्ड के सदस्यों का पर्याप्त समर्थन प्राप्त है।
तीनों पुराने सदस्यों ने दोहराई सफलता
चुनाव परिणाम का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह रहा कि सशक्त स्थायी समिति में पहले से मौजूद तीनों सदस्य एक बार फिर विजयी होकर लौटे हैं। कहकशां परवीन, पिंटू कुमार और झगमाया देवी पहले भी समिति का हिस्सा थे और इस बार भी उन्होंने अपना वर्चस्व कायम रखा। इससे यह संकेत मिलता है कि नगर पंचायत के अधिकांश पार्षद उनके कार्यों और नेतृत्व से संतुष्ट हैं।
अध्यक्ष की रणनीति को मिली मजबूती
स्थानीय राजनीतिक हलकों में चुनाव परिणाम को नगर पंचायत अध्यक्ष की बड़ी रणनीतिक सफलता के रूप में देखा जा रहा है। विजयी हुए तीनों सदस्य पूर्व में अध्यक्ष की अनुशंसा पर समिति में शामिल किए गए थे। ऐसे में उनका दोबारा जीतकर आना यह दर्शाता है कि नगर पंचायत बोर्ड में अध्यक्ष की पकड़ मजबूत बनी हुई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस परिणाम ने अध्यक्ष की नेतृत्व क्षमता और संगठनात्मक कौशल को और अधिक मजबूत आधार प्रदान किया है।
विपक्षी खेमे को लगा झटका
चुनाव परिणाम को विपक्षी पार्षदों के लिए एक बड़ा राजनीतिक झटका भी माना जा रहा है। चुनाव से पहले विपक्षी खेमे द्वारा समिति में बदलाव की उम्मीद जताई जा रही थी, लेकिन परिणाम पूरी तरह अध्यक्ष समर्थक उम्मीदवारों के पक्ष में गए। इससे नगर पंचायत की आंतरिक राजनीति में अध्यक्ष गुट की स्थिति और अधिक मजबूत हो गई है।
लोकतांत्रिक प्रक्रिया में मिला स्पष्ट जनसमर्थन
बिहार नगरपालिका (संशोधन) अध्यादेश के तहत गुप्त मतदान के माध्यम से संपन्न हुए इस चुनाव में पार्षदों ने स्वतंत्र रूप से अपने मताधिकार का प्रयोग किया। लोकतांत्रिक प्रक्रिया में अध्यक्ष समर्थित उम्मीदवारों की जीत इस बात का संकेत है कि बोर्ड के भीतर अध्यक्ष के निर्णयों और नेतृत्व को व्यापक समर्थन प्राप्त है। राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि यह परिणाम केवल चुनावी जीत नहीं बल्कि नेतृत्व में विश्वास का भी प्रतीक है।
नगर पंचायत की राजनीति में बढ़ा अध्यक्ष का कद
अकबरनगर के राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस जीत के बाद नगर पंचायत की प्रशासनिक और विकासात्मक योजनाओं में अध्यक्ष की भूमिका पहले से अधिक प्रभावी होगी। सशक्त स्थायी समिति नगर निकाय की महत्वपूर्ण निर्णय लेने वाली इकाई मानी जाती है। ऐसे में समिति में अध्यक्ष समर्थित सदस्यों की मौजूदगी विकास योजनाओं के क्रियान्वयन और प्रशासनिक निर्णयों को गति देने में अहम भूमिका निभा सकती है। चुनाव परिणाम ने स्पष्ट कर दिया है कि वर्तमान समय में अकबरनगर नगर पंचायत की राजनीति में अध्यक्ष का प्रभाव निर्विवाद रूप से मजबूत बना हुआ है।


