उधवा के तीनपहाड़ थाना क्षेत्र में आकाशीय बिजली गिरने से काड़ा लड़ाई प्रतियोगिता के पांच बार के विजेता भैंस की मौत हो गई। घटना में भैंस चराने गए 65 वर्षीय बेटका मुर्मू भी बिजली के झटके से गंभीर रूप से घायल हो गए। ग्रामीणों की सूचना पर परिजनों ने उन्हें उपचार के लिए घर पहुंचाया। मृत भैंस ने साहिबगंज और पाकुड़ की कई प्रतियोगिताओं में जीत हासिल की थी।

आकाशीय बिजली गिरने से पांच बार के विजेता काड़ा भैंस की दर्दनाक मौत, मालिक घायल
बहियार में चराई के दौरान हुआ हादसा
उधवा प्रखंड के तीनपहाड़ थाना क्षेत्र अंतर्गत सुतियार पाड़ा के छोटा भौंरा बहियार में शुक्रवार को एक दर्दनाक घटना घटी। आकाशीय बिजली गिरने से काड़ा लड़ाई प्रतियोगिताओं में पांच बार विजेता रह चुके एक भैंस की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के समय भैंस को चराने गए उसके मालिक बेटका मुर्मू भी बिजली की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गए। इस घटना से क्षेत्र में शोक का माहौल है।
बिजली गिरते ही भैंस ने तोड़ा दम
जानकारी के अनुसार छोटा भौंरा निवासी 65 वर्षीय बेटका मुर्मू शुक्रवार दोपहर करीब तीन बजे अपने भैंस को चराने के लिए बहियार गए थे। इसी दौरान अचानक मौसम खराब हो गया और तेज गर्जना के साथ आकाशीय बिजली गिर गई। बिजली सीधे भैंस पर गिरने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं पास में मौजूद बेटका मुर्मू भी झटके की चपेट में आकर खेत में बेहोश होकर गिर पड़े।
ग्रामीणों की सतर्कता से बची जान
घटना के कुछ समय बाद आसपास मौजूद ग्रामीणों की नजर खेत में गिरे बेटका मुर्मू पर पड़ी। ग्रामीणों ने तुरंत इसकी सूचना उनके परिजनों को दी। सूचना मिलते ही परिवार के सदस्य मौके पर पहुंचे और घायल अवस्था में उन्हें घर लेकर आए। उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए स्थानीय चिकित्सकों की मदद से उपचार कराया गया। फिलहाल उनकी हालत पर परिजन नजर बनाए हुए हैं।
परिजनों ने बताया हादसे का दर्द
घटना की जानकारी देते हुए बेटका मुर्मू की पुत्रवधू तालामाई किस्कू ने बताया कि उनके ससुर रोज की तरह भैंस चराने के लिए बहियार गए थे। अचानक मौसम खराब हो गया और वज्रपात की घटना हो गई। बिजली गिरने से भैंस की तत्काल मौत हो गई, जबकि उनके ससुर खेत में ही बेहोश होकर गिर गए। उन्होंने बताया कि परिवार के लिए यह दोहरा सदमा है, क्योंकि भैंस उनकी पहचान और सम्मान का प्रतीक था।
काड़ा लड़ाई का था पांच बार का विजेता
मृत भैंस सामान्य पशु नहीं था, बल्कि क्षेत्र में आयोजित होने वाली पारंपरिक काड़ा लड़ाई प्रतियोगिताओं का चर्चित प्रतिभागी था। परिवार के अनुसार भैंस ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेते हुए कुल पांच बार जीत हासिल की थी। उसकी जीत के कारण क्षेत्र में उसकी अलग पहचान बन गई थी और लोग उसे विजेता भैंस के नाम से जानते थे।
साहिबगंज और पाकुड़ में भी जीत चुका था प्रतियोगिता
परिजनों ने बताया कि भैंस ने केवल साहिबगंज जिले में ही नहीं, बल्कि पड़ोसी पाकुड़ जिले में आयोजित काड़ा प्रतियोगिताओं में भी हिस्सा लिया था। कई मुकाबलों में जीत दर्ज कर उसने मालिक और गांव का नाम रोशन किया था। यही वजह है कि उसकी मौत से परिवार के साथ-साथ ग्रामीणों में भी गहरा दुख देखा जा रहा है।
ग्रामीणों में शोक, प्रशासन से सहायता की मांग
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है। ग्रामीणों का कहना है कि विजेता भैंस परिवार की महत्वपूर्ण संपत्ति थी, जिसकी अचानक मौत से आर्थिक नुकसान भी हुआ है। लोगों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा और सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।
बरसात के मौसम में बढ़ता है वज्रपात का खतरा
विशेषज्ञों के अनुसार मानसून और प्री-मानसून सीजन में खुले खेतों, बहियारों और ऊंचे स्थानों पर आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। ऐसे मौसम में पशुपालकों और किसानों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता होती है। मौसम खराब होने पर खुले मैदानों से दूर सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी जाती है।
क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी घटना
पांच बार के विजेता काड़ा भैंस की मौत और उसके मालिक के घायल होने की यह घटना पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि जिस भैंस ने कई प्रतियोगिताओं में जीत का परचम लहराया था, उसकी इस तरह अचानक मौत ने सभी को भावुक कर दिया है। परिवार अभी भी इस नुकसान से उबरने की कोशिश कर रहा है।



