भागलपुर के गोराडीह और नाथनगर प्रखंडों में आयोजित ‘सहयोग शिविर’ का निरीक्षण प्रभारी सचिव दीपक आनंद और जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने किया। सरकार की ‘सबका सम्मान, जीवन आसान’ पहल के तहत आयोजित इन शिविरों का उद्देश्य जन-शिकायतों का 7 दिनों के भीतर समाधान करना है। शिविर में कई लाभुकों को जॉब कार्ड वितरित किए गए। प्रभारी सचिव ने डिजिटल पोर्टल और 1100 हेल्पलाइन के उपयोग पर जोर दिया।
जन-शिकायत निवारण: जनता के द्वार पहुंची सरकार
भागलपुर जिला प्रशासन द्वारा मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार ‘सहयोग शिविरों’ का आयोजन पंचायत स्तर पर किया जा रहा है। इसी क्रम में बुधवार को गोराडीह के बिशनपुर जिच्छो और नाथनगर के गोसाई दासपुर पंचायत में शिविर लगाए गए। खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के सचिव सह भागलपुर के प्रभारी सचिव दीपक आनंद ने शिविर की प्रगति का जायजा लिया और स्पष्ट किया कि सरकार अनावश्यक विलंब के प्रति कतई सहनशील नहीं है।
’30 दिन का लक्ष्य, 7 दिन में समाधान’
प्रभारी सचिव दीपक आनंद ने बताया कि सहयोग शिविर का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों की शिकायतों का समयबद्ध निपटारा करना है। हालांकि शिकायतों के लिए 30 दिनों की समय-सीमा निर्धारित है, लेकिन भागलपुर जिला प्रशासन ने इसे मात्र 7 दिनों के भीतर पूरा करने का सराहनीय लक्ष्य रखा है। उन्होंने जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी और उनकी टीम के कार्य की सराहना करते हुए कहा कि पूर्व में आयोजित शिविरों में भी रिकॉर्ड समय में समस्याओं का समाधान हुआ है।
‘वन स्टॉप सॉल्यूशन’ और डिजिटल पहल
कहलगांव के विधायक शुभानंद मुकेश ने शिविर को राज्य सरकार की ‘वन स्टॉप सॉल्यूशन’ वाली महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने कहा कि अब ग्रामीणों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं काटने होंगे, क्योंकि सरकार स्वयं गांव-गांव पहुंचकर उनकी समस्याएं सुन रही है। जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने जानकारी दी कि बिशनपुर जिच्छो शिविर में 48 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 14 का तत्काल निपटारा कर दिया गया है और शेष 34 का समाधान अगले 5-6 दिनों में सुनिश्चित किया जाएगा।
लाभार्थियों को मिली सौगात
शिविर के दौरान प्रशासन का मानवीय चेहरा भी देखने को मिला। प्रभारी सचिव ने स्वयं मंच से अमरजीत कुमार, नीरज यादव, अशोक पासवान, स्वीटी कुमारी और अनीता देवी सहित कई लाभार्थियों को जॉब कार्ड प्रदान किए। यह दृश्य इस बात का गवाह था कि सरकारी योजनाओं का लाभ अब वास्तविक जरूरतमंदों तक बिना किसी बिचौलिये के पहुंच रहा है।
प्रशासन की सार्थकता
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि शिविर में हर आवेदन का विधिवत पंजीकरण होता है और आवेदक को रसीद दी जाती है। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि जो मामले न्यायालय से संबंधित हैं, उनमें भी प्रशासन आवेदकों को उचित कानूनी मार्गदर्शन प्रदान करेगा। भूमि विवाद जैसे जटिल मामलों के लिए भी प्रशासन ने विशेष गंभीरता दिखाई है।
गोराडीह और नाथनगर में आयोजित इन शिविरों ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि जब प्रशासन संवेदनशीलता के साथ जनता के बीच पहुंचता है, तो आम आदमी का विश्वास लोकतंत्र और तंत्र दोनों पर बढ़ता है। शिविर में वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव, उप विकास आयुक्त प्रदीप कुमार सिंह सहित जिले के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।





