साहिबगंज पुलिस अधीक्षक कार्यालय में सड़क दुर्घटनाओं के प्रबंधन और पीड़ितों को त्वरित मुआवज़ा दिलाने हेतु एक दिवसीय IRAD/EDAR प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित हुआ। मुख्यालय डीएसपी रवि कांत साव और IRAD मैनेजर मनोज कुमार की उपस्थिति में पुलिसकर्मियों को डेटा की सटीक प्रविष्टि, ‘हिट एंड रन’ मामलों के प्रबंधन और ‘गुड समरिटन’ प्रावधानों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। इस प्रणाली से दुर्घटनाओं का डेटा और मुआवज़ा प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सुगम होगी।
डिजिटल तकनीक से सुधरेगी सड़क दुर्घटना प्रबंधन व्यवस्था
सड़क दुर्घटनाओं के मामलों में अब साहिबगंज पुलिस और अधिक तत्परता के साथ कार्य करेगी। इसी उद्देश्य को लेकर साहिबगंज एसपी कार्यालय में आईआरएडी (IRAD – Integrated Road Accident Database) और ईडीएआर (EDAR – e-Detailed Accident Report) प्रणाली पर आधारित एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का मुख्य लक्ष्य सड़क दुर्घटनाओं के डेटा को व्यवस्थित करना और पीड़ितों के लिए मुआवज़ा प्रक्रिया को सरल बनाना है।
प्रशिक्षण के मुख्य बिंदु: त्वरित न्याय की ओर कदम
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान मास्टर ट्रेनर्स ने पुलिसकर्मियों को पोर्टल के तकनीकी पहलुओं के बारे में विस्तार से समझाया। प्रशिक्षण में निम्नलिखित प्रमुख विषयों पर चर्चा की गई:
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त्वरित मुआवज़ा प्रक्रिया: ईडीएआर पोर्टल के माध्यम से दुर्घटना से प्रभावित व्यक्तियों और उनके आश्रितों को सरकारी मुआवज़ा मिलने की प्रक्रिया को कम से कम समय में पूरा करना।
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सटीक डेटा प्रविष्टि: सभी थानों को निर्देश दिया गया कि वे दुर्घटना स्थल का डेटा, फोटो और अन्य साक्ष्य पोर्टल पर समय पर और सटीक तरीके से दर्ज करें।
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शराब पीकर वाहन चलाने पर रोक: एल्कोहल ब्रेथ एनालाइज़र मशीन का उपयोग कैसे करें और उसकी रिपोर्ट को आईआरएडी प्रणाली से कैसे जोड़ें, ताकि दोषी चालकों के विरुद्ध कड़ा कानूनी एक्शन लिया जा सके।
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हिट एंड रन मामले: ऐसी दुर्घटनाओं के मामलों में डेटा प्रबंधन और जांच के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों पर विशेष बल दिया गया।
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गुड समरिटन (Good Samaritan) नियम: सड़क दुर्घटना में घायलों की मदद करने वाले नेक नागरिकों के अधिकारों और उन्हें कानूनी सुरक्षा देने के प्रावधानों के बारे में पुलिसकर्मियों को जागरूक किया गया।
प्रशासन की प्रतिबद्धता
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में मुख्यालय डीएसपी रवि कांत साव और आईआरएडी/ईडीएआर मैनेजर मनोज कुमार की विशेष उपस्थिति रही। डीएसपी ने कहा कि यह प्रणाली न केवल दुर्घटनाओं के विश्लेषण में मददगार साबित होगी, बल्कि भविष्य में दुर्घटनाओं को कम करने के लिए प्रभावी रणनीति बनाने में भी सहायक होगी। उन्होंने सभी थाना प्रभारियों को पोर्टल का उपयोग गंभीरता से करने का निर्देश दिया।
साहिबगंज पुलिस का यह कदम ‘डिजिटल इंडिया’ की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। आईआरएडी और ईडीएआर प्रणाली के लागू होने से दुर्घटना से संबंधित कागजी कार्रवाई का बोझ कम होगा और पीड़ितों को मुआवज़ा मिलने में जो देरी होती थी, उसमें काफी सुधार आएगा। यह तकनीक सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने और अपराधियों को कानून के दायरे में लाने में एक प्रभावी हथियार साबित होगी।




