कटिहार/पटना: नालंदा जिले के राजगीर थाना क्षेत्र में हुई भीड़ हिंसा की घटना पर अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण मंत्री लखेंद्र पासवान ने गहरी चिंता व्यक्त करते हुए इसे कानून व्यवस्था और मानवता के विरुद्ध गंभीर अपराध बताया है। उन्होंने कहा कि केवल संदेह के आधार पर किसी व्यक्ति को निशाना बनाना और कानून को अपने हाथ में लेना किसी भी सभ्य समाज में स्वीकार्य नहीं है।
गौरतलब है कि 15 जून को झुनकिया बाबा मंदिर के पास चोरी के संदेह में दीपनगर थाना क्षेत्र के गंजपर गांव निवासी पिंटू पासवान और श्रवण पासवान पर उग्र भीड़ ने हमला कर दिया था। गंभीर रूप से घायल दोनों युवकों की इलाज के दौरान मौत हो गई।
घटना के बाद अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग ने मामले का संज्ञान लेते हुए इसे एससी-एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज कराया। विभागीय प्रावधानों के अनुसार मृतकों के परिजनों को प्रथम किश्त के रूप में प्रति परिवार 4 लाख 12 हजार 500 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई। शुक्रवार को मंत्री लखेंद्र पासवान ने स्वयं पीड़ित परिवारों को सहायता राशि का चेक सौंपा।
मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पीड़ित परिवारों के साथ पूरी संवेदनशीलता के साथ खड़ी है और उन्हें न्याय दिलाने के लिए हरसंभव कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने अधिकारियों को निष्पक्ष एवं त्वरित जांच सुनिश्चित करने तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
साथ ही उन्होंने आम लोगों से अपील की कि किसी भी संदिग्ध परिस्थिति में कानून को अपने हाथ में लेने के बजाय पुलिस और प्रशासन को सूचना दें। राज्य सरकार ऐसी घटनाओं के प्रति शून्य सहिष्णुता की नीति पर कार्य कर रही है।

