पाकुड़िया : प्रखंड क्षेत्र में शनिवार को मुहर्रम का पर्व श्रद्धा, आस्था और आपसी भाईचारे के वातावरण में शांतिपूर्वक संपन्न हुआ। पाकुड़िया बाजार सहित मोंगलाबांध, राजपोखर, पलियादाहा, डोमनगढ़िया, फुलझिंझरी, धोबना, ढेकीडूबा, सरसाबांध, जुगुड़िया एवं आसपास के गांवों में पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ ताजिया जुलूस निकाले गए।
पाकुड़िया बाजार का मुख्य ताजिया जुलूस आजाद मोड़ से प्रारंभ होकर मुख्य बाजार के विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए कर्बला मैदान पहुंचा, जहां धार्मिक परंपराओं के अनुसार अंतिम रस्में अदा की गईं। जुलूस में बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए। “या अली” और “या हुसैन” के नारों से पूरा क्षेत्र गूंजता रहा।
मुहर्रम के अवसर पर विभिन्न अखाड़ा समितियों के युवाओं ने लाठी, तलवार, भाला तथा पारंपरिक युद्धकला के आकर्षक और हैरतअंगेज करतब प्रस्तुत किए। इन करतबों को देखने के लिए सड़क के दोनों ओर लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों ने उत्साहपूर्वक जुलूस में भाग लिया।
जुलूस के दौरान कई स्थानों पर स्थानीय लोगों ने ताजिया का स्वागत किया तथा शांति, सौहार्द और भाईचारे का संदेश दिया। पूरे क्षेत्र में गंगा-जमुनी तहजीब की खूबसूरत मिसाल देखने को मिली।
मुहर्रम को लेकर प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए संवेदनशील स्थलों पर पुलिस बल और दंडाधिकारियों की तैनाती की गई थी। पूरे जुलूस की निगरानी ड्रोन कैमरों एवं अन्य निगरानी उपकरणों से की गई।
थाना प्रभारी मनोज कुमार महतो, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी विजय कुमार एवं प्रखंड विकास पदाधिकारी सोमनाथ बनर्जी सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी लगातार क्षेत्र का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते रहे।
प्रशासन की सतर्कता, अखाड़ा समितियों के सहयोग और आम लोगों की सक्रिय भागीदारी के कारण पूरे प्रखंड में मुहर्रम का पर्व शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और भाईचारे के वातावरण में संपन्न हुआ।

