
पाकुड़ : कुटुंब न्यायालय में लंबित दो पारिवारिक मामलों का समाधान आपसी सहमति और मध्यस्थता के माध्यम से कर लिया गया।
प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय रजनीकांत पाठक के प्रयास से मूल भरण-पोषण वाद संख्या 70/2026 तथा मूल दांपत्य वाद संख्या 76/2026 में चल रहे विवादों का सौहार्दपूर्ण निपटारा हुआ। मध्यस्थता की प्रक्रिया के दौरान दोनों दंपतियों ने पुराने मतभेदों को भुलाकर पुनः साथ रहने का संकल्प लिया और नए सिरे से पारिवारिक जीवन की शुरुआत करने का निर्णय लिया।
मध्यस्थता के दौरान दोनों पक्षों ने आपसी संवाद और समझदारी का परिचय देते हुए अपने मतभेद समाप्त किए। इसके बाद न्यायालय में दोनों मामलों का समाधान सहमति के आधार पर कराया गया।
इस अवसर पर प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय रजनीकांत पाठक ने दंपतियों को आपसी समझ, सहयोग और निरंतर संवाद के साथ सुखद एवं खुशहाल पारिवारिक जीवन व्यतीत करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि परिवार में उत्पन्न होने वाले छोटे-छोटे विवादों को बातचीत और समझदारी से सुलझाया जाए, जिससे रिश्तों में मधुरता और विश्वास बना रहे।
मामलों के समाधान के बाद दंपतियों को प्रसन्नतापूर्वक न्यायालय से विदा किया गया। इस दौरान न्यायालय कर्मी, अधिवक्ता, परिजन एवं पैरा विधिक स्वयंसेवक भी उपस्थित रहे।

