
कटिहार: जिले के प्राणपुर प्रखंड की केवाला, केहूनिया और सहजा पंचायत को जोड़ने वाली मुख्य सड़क वर्षों से नहीं बनने के कारण ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बरसात के मौसम में सड़क की स्थिति इतनी खराब हो जाती है कि मरीजों और गर्भवती महिलाओं को अस्पताल तक पहुंचाना भी चुनौती बन जाता है।
ताजा मामला केहूनिया पंचायत के वार्ड संख्या 12 का है, जहां निवासी मो. रॉबी की अचानक तबीयत बिगड़ गई। सड़क जर्जर होने के कारण परिजन और ग्रामीण उन्हें चारपाई पर लादकर चिकनी टोला से मुख्य सड़क बिसारे तक ले गए, जहां से उन्हें प्राणपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज के लिए पहुंचाया गया।
ग्रामीणों का कहना है कि आजादी के बाद से अब तक तीनों पंचायतों को जोड़ने वाली यह मुख्य सड़क नहीं बन सकी है। इसके चलते चिकनी टोला, दिघियापार आदिवासी टोला, झरना टोला, गुणी टोला सहित दर्जनों गांवों के लोगों को हर वर्ष बारिश के दौरान आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। सबसे अधिक परेशानी बीमार मरीजों, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों को होती है, जिन्हें अक्सर चारपाई पर लादकर अस्पताल पहुंचाना पड़ता है।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और बिहार सरकार से मांग की है कि इस सड़क पर जल्द मिट्टी भराई और पक्की सड़क का निर्माण कराया जाए, ताकि हजारों लोगों को बेहतर आवागमन की सुविधा मिल सके और आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाया जा सके।

