
कटिहार: जिले के प्राणपुर प्रखंड की दक्षिणी लालगंज पंचायत में स्थित सोसा धार पुल वर्ष 2017 की विनाशकारी बाढ़ में ध्वस्त हो गया था। पुल टूटने के करीब आठ वर्ष बीत जाने के बावजूद अब तक इसका पुनर्निर्माण नहीं हो सका है, जिससे स्थानीय लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
पुल के अभाव में ग्रामीण आज भी अस्थायी चचरी पुल के सहारे आवागमन करने को मजबूर हैं। यह मार्ग केशोपुर, नया टोला, नीमा, बैदा सहित दर्जनों गांवों को जोड़ने वाली प्रमुख सड़क है, जिस पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग आवाजाही करते हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के मौसम में चचरी पुल से आवागमन जोखिम भरा हो जाता है। ऐसे समय में लोगों को वैकल्पिक मार्ग से करीब 8 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है, जिससे समय और धन दोनों की बर्बादी होती है।
ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से जल्द से जल्द पुल का पुनर्निर्माण कराने की मांग की है, ताकि लोगों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।

