
पाकुड़: अमड़ापाड़ा प्रखंड के मोरिया गांव में डायरिया के मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट हो गया है। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी के निर्देश पर तत्काल मेडिकल टीम का गठन कर प्रभावित गांव भेजा गया, जबकि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अमड़ापाड़ा में भी डायरिया प्रभावित मरीजों का इलाज युद्धस्तर पर शुरू कर दिया गया है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, मोरिया गांव में डायरिया के बढ़ते मामलों को देखते हुए सभी स्वास्थ्य कर्मियों को तत्काल सक्रिय रहने का निर्देश दिया गया है। संबंधित एमपीडब्ल्यू, एएनएम और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों को आवश्यक दवाओं एवं चिकित्सा सामग्री के साथ प्रभावित क्षेत्र में पहुंचकर राहत एवं उपचार कार्य शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
गठित मेडिकल टीम में आरबीएसके के चिकित्सकों के अलावा डॉ. राकेश, इसामुद्दीन, ड्रेसर, फार्मासिस्ट हसानुज जमा तथा अन्य स्वास्थ्यकर्मी शामिल हैं। टीम को आरएल, डीएनएस, ब्लीचिंग पाउडर और अन्य जरूरी दवाओं के साथ गांव पहुंचकर मरीजों का इलाज करने और संक्रमण की रोकथाम सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।
स्वास्थ्य विभाग ने आसपास के सभी एमपीडब्ल्यू को भी क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने, डायरिया की रोकथाम के साथ मलेरिया की जांच करने तथा स्थिति की लगातार मॉनिटरिंग कर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को नियमित रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अमड़ापाड़ा में भी अतिरिक्त चिकित्सा व्यवस्था की गई है। संभावित मरीजों की संख्या को देखते हुए आवश्यक दवाएं, चिकित्सा उपकरण और स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती सुनिश्चित की गई है। आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त चिकित्सकों की भी सेवा ली जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि मेडिकल टीम मोरिया गांव पहुंच चुकी है और सभी प्रभावित मरीजों का इलाज किया जा रहा है। साथ ही प्रत्येक मरीज की मलेरिया जांच भी कराई जा रही है, ताकि किसी अन्य संक्रमण की समय रहते पहचान कर उसका उपचार किया जा सके।

