
महेशपुर (पाकुड़): प्रखंड के देवीनगर गांव में कई दिनों से बिजली आपूर्ति बाधित रहने के कारण ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिला। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में लगा 100 केवीए क्षमता का ट्रांसफार्मर अब बढ़ती आबादी और बढ़े हुए बिजली लोड के लिए पर्याप्त नहीं है, जिससे बार-बार बिजली आपूर्ति प्रभावित हो रही है।
ग्रामीणों ने बताया कि गांव में लगे बिजली के तार भी काफी पुराने और जर्जर हो चुके हैं। अधिक लोड के कारण आए दिन तार टूटने और तकनीकी खराबी की समस्या बनी रहती है। लोगों ने बिजली विभाग से जर्जर तारों को बदलने तथा बेहतर वोल्टेज के साथ निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है।
देवीनगर पंचायत के मुखिया मनोज मरांडी ने बताया कि ट्रांसफार्मर की कम क्षमता और खराब बिजली तारों के कारण गांव में लंबे समय से बिजली संकट बना हुआ है। बुधवार शाम से पूरा गांव अंधेरे में डूबा रहा, लेकिन विभाग की ओर से समय पर कार्रवाई नहीं होने पर ग्रामीणों को खुद आगे आना पड़ा।
ग्रामीणों और स्थानीय बिजली मिस्त्रियों ने आपसी सहयोग से गुरुवार को कड़ी मेहनत के बाद बिजली आपूर्ति बहाल कराई। इस दौरान विशेष पांडे, ललन पांडे, आकाश पांडे, रोहित तिवारी, गुड्डू सिंह, एमडी खुर्शीद, अनुज पांडे, बिजली मिस्त्री कुतुबुद्दीन मियां, अजय भंडारी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
ग्रामीणों ने बिजली विभाग से मांग की है कि गांव में जल्द से जल्द 100 केवीए ट्रांसफार्मर की जगह 200 केवीए क्षमता का नया ट्रांसफार्मर लगाया जाए तथा जर्जर बिजली तारों को बदलकर स्थायी समाधान किया जाए, ताकि भविष्य में लोगों को बिजली संकट का सामना न करना पड़े।

