नई दिल्ली: देश की मौजूदा आर्थिक स्थिति को लेकर संजीव सिंह ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि देश में आम लोगों की जेब से पैसा गायब हो रहा है, परिवारों की आर्थिक स्थिति लगातार कमजोर होती जा रही है और छोटे व्यापारियों पर संकट गहराता जा रहा है। उनके अनुसार, देश में आर्थिक हाहाकार जैसी स्थिति बन रही है।
संजीव सिंह ने कहा कि आज लोगों को कर्ज लेकर जीवन और कारोबार चलाने की आदत पड़ती जा रही है। ग्रामीण इलाकों से लेकर दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई जैसे बड़े शहरों तक निजी वित्तीय संस्थानों और फाइनेंस कंपनियों का तेजी से विस्तार हुआ है। उन्होंने दावा किया कि मोबाइल फोन पर लगातार लोन के ऑफर भेजे जा रहे हैं, जिससे कई लोग बिना वास्तविक आवश्यकता के भी कर्ज के जाल में फंस रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी बैंक छोटे और मध्यम वर्ग की जमा पूंजी का बड़ा हिस्सा बड़े उद्योगपतियों को भारी-भरकम ऋण के रूप में उपलब्ध करा रहे हैं। वहीं, कई बड़े कर्जदार देश का पैसा लेकर विदेश भाग जाते हैं या कानूनी प्रक्रियाओं का सहारा लेकर कार्रवाई से बच निकलते हैं। संजीव सिंह ने इसे देश की अर्थव्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती बताया।
अपने बयान में उन्होंने कहा कि बढ़ती महंगाई, घटती क्रय शक्ति और छोटे-मझोले उद्योगों के बंद होने से आम नागरिकों और व्यापारियों की आर्थिक स्थिति लगातार बिगड़ रही है। उनका कहना है कि यदि समय रहते इस दिशा में प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आर्थिक संकट और गहरा सकता है।
नोट: यह समाचार संजीव सिंह के सार्वजनिक बयान/दावे पर आधारित है। इसमें व्यक्त विचार उनके अपने हैं।

