भागलपुर: बिहार में मॉब लिंचिंग, कथित फर्जी मुठभेड़ों, बुलडोजर कार्रवाई और पुलिस दमन के विरोध में शनिवार को भाकपा (माले) ने राज्यव्यापी विरोध दिवस मनाया। इस दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने विभिन्न घटनाओं के खिलाफ प्रदर्शन कर न्याय की मांग उठाई।
विरोध प्रदर्शन के दौरान भाकपा (माले) ने राजगीर में दो दलित युवकों श्रवण पासवान और पिंटू पासवान की कथित पीट-पीटकर हत्या, नालंदा के नगरसौना में डिग्री कॉलेज के स्थानांतरण का विरोध कर रहे छात्रों और स्थानीय लोगों पर पुलिस कार्रवाई तथा भोजपुर के बेलौटी गांव में भरत तिवारी की कथित फर्जी मुठभेड़ में हुई हत्या का मुद्दा प्रमुखता से उठाया।
पार्टी के राज्य कमेटी सदस्य एवं भागलपुर जोन प्रभारी कॉमरेड मुकेश मुक्त ने आरोप लगाया कि बिहार में सुशासन की जगह पुलिस राज, बुलडोजर राज और फर्जी मुठभेड़ों का माहौल बन गया है। उन्होंने कहा कि मॉब लिंचिंग, जाति के आधार पर हत्याएं, दलितों, पिछड़ों और गरीबों पर बढ़ते हमले तथा पुलिस दमन लोकतंत्र और संविधान की मूल भावना के खिलाफ हैं। उन्होंने कहा कि भाकपा (माले) संविधान और कानून के शासन की स्थापना तक अपना संघर्ष जारी रखेगी।
मुकेश मुक्त ने यह भी आरोप लगाया कि धार्मिक आस्था के नाम पर लोगों की भावनाओं का राजनीतिक इस्तेमाल किया गया और अब मंदिरों से जुड़े चंदा एवं भूमि घोटालों के आरोप सामने आ रहे हैं। उन्होंने इन मामलों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
पार्टी ने आम नागरिकों से मॉब लिंचिंग, फर्जी मुठभेड़ों, बुलडोजर कार्रवाई, पुलिस दमन, बेरोजगारी, महंगाई और संविधान विरोधी नीतियों के खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाने और न्याय की लड़ाई में साथ आने की अपील की।
नोट: यह समाचार भाकपा (माले) द्वारा जारी बयान और लगाए गए आरोपों पर आधारित है। संबंधित आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

