
भागलपुर स्थित बिहार कृषि विश्वविद्यालय (बीएयू), सबौर में नेचर क्लब एवं उद्यान (फसलोत्तर प्रबंधन) विभाग द्वारा आयोजित “अपशिष्ट से समृद्धि, मिशन आम गुठली कार्यशाला” का शुभारंभ कुलपति प्रो. (डॉ.) डी. आर. सिंह ने हरित ध्वज दिखाकर किया। उन्होंने कहा कि आम की गुठली किसी भी तरह का कचरा नहीं, बल्कि एक बहुमूल्य प्राकृतिक संसाधन है, जिसका वैज्ञानिक तरीके से उपयोग कर खाद्य, न्यूट्रास्यूटिकल, कॉस्मेटिक एवं अन्य उच्च मूल्य वाले उत्पाद तैयार किए जा सकते हैं।
कुलपति ने विश्वविद्यालय परिवार और भागलपुर के नागरिकों से अपील की कि आम खाने के बाद गुठलियों को फेंकने के बजाय साफ कर छाया में सुखाएं और निकटतम संग्रह केंद्र पर जमा करें। नेचर क्लब इन गुठलियों का नियमित संग्रह कर उनका वैज्ञानिक प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन करेगा। कार्यशाला में वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं, संकाय सदस्यों और विद्यार्थियों ने भाग लिया तथा “Waste to Wealth” की अवधारणा, आम की गुठली के संग्रहण, प्रसंस्करण और उपयोग पर विस्तृत जानकारी दी गई। विश्वविद्यालय ने इस जन-जागरूकता अभियान को सबौर और पूरे भागलपुर जिले में व्यापक स्तर पर चलाने का भी संकल्प लिया।

