
महिला महाविद्यालय, गोड्डा के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (IQAC) एवं अर्थशास्त्र विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय सातवें अंतरराष्ट्रीय सेमिनार का सोमवार को भव्य समापन हुआ। सम्मेलन का विषय “पारंपरिक ज्ञान और सतत विकास” रहा। इस आयोजन का संचालन डीएस कॉलेज, मोगरी (मुंगेर विश्वविद्यालय, बिहार) तथा वेराबे विश्वविद्यालय, इथियोपिया के सहयोग से किया गया। समापन समारोह में झारखंड सरकार के मंत्री एवं महाविद्यालय शासी निकाय के अध्यक्ष संजय प्रसाद यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
दो दिवसीय सम्मेलन में भारत सहित श्रीलंका, नेपाल और इथियोपिया के शिक्षाविदों एवं शोधकर्ताओं ने ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम से भाग लेकर अपने शोध-पत्र प्रस्तुत किए। वक्ताओं ने कहा कि भारत की समृद्ध पारंपरिक ज्ञान-परंपरा प्राकृतिक संसाधनों के संतुलित उपयोग और सतत विकास के लक्ष्यों को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। उन्होंने आधुनिक विकास के साथ पारंपरिक ज्ञान के समन्वय पर भी विशेष जोर दिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता एफआईआरएम के अध्यक्ष प्रो. डॉ. सरोज कुमार वर्मा ने की, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रो. (डॉ.) मनोज कुमार मिश्रा उपस्थित रहे। सम्मेलन की सफलता के लिए प्रभारी प्राचार्या डॉ. सुमनलता के नेतृत्व की सराहना की गई। आयोजन सचिव डॉ. ब्रजेश मिश्रा, सह सचिव डॉ. साबरा तबस्सुम सहित महाविद्यालय के सभी शिक्षकों एवं कर्मचारियों के योगदान की भी प्रशंसा की गई।

