कटिहार: जिले के बारसोई प्रखंड स्थित रहमानपुर खानकाह लतीफिया तकिया शरीफ करीब 525 वर्षों से सूफी परंपरा, आध्यात्मिक साधना और सांप्रदायिक सौहार्द का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। यह ऐतिहासिक खानकाह न केवल मुस्लिम समुदाय बल्कि विभिन्न धर्मों के श्रद्धालुओं के लिए भी आस्था और आध्यात्मिक मार्गदर्शन का महत्वपूर्ण स्थल माना जाता है।
खानकाह लतीफिया तकिया शरीफ के ख्वाजा शाहिद ने बताया कि इस खानकाह की स्थापना लगभग पांच शताब्दी पूर्व हज़रत मौलाना शाह हाफिजुद्दीन लतीफे रहमान पुरी (रह.) ने की थी। वे अपने समय के प्रतिष्ठित सूफी संत थे और रूहानियत, कश्फ तथा आध्यात्मिक ज्ञान के लिए विख्यात थे। उनके मार्गदर्शन में इस क्षेत्र में अनेक आलिम और फाज़िल तैयार हुए, जिन्होंने धार्मिक शिक्षा और सामाजिक जागरूकता के प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उन्होंने बताया कि खानकाह आज भी सभी धर्मों के लोगों के लिए श्रद्धा और भाईचारे का प्रतीक है। यहां हर वर्ष हज़रत ख्वाजा हाफिजुद्दीन (रह.) की याद में भव्य उर्स का आयोजन किया जाता है। इस अवसर पर जुमे की नमाज के बाद विशेष दुआ, कुरआनखानी और लंगर का आयोजन होता है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं।
ख्वाजा शाहिद ने कहा कि खानकाह लतीफिया तकिया शरीफ केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, इंसानियत और आध्यात्मिक मूल्यों का संदेश देने वाला केंद्र भी है। उन्होंने लोगों से इस ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण और इसकी सूफी परंपरा को आगे बढ़ाने में सहयोग करने की अपील की।




