प्रवीण कुमार, कटिहार। महानंदा नदी के उफान पर होने और लगातार जलस्तर बढ़ने के कारण बिहार के सीमांचल, खासकर कटिहार, पूर्णिया और किशनगंज में बाढ़ और कटाव का गंभीर संकट मंडरा रहा है। कई गांवों में नदी का कटाव इतना तेज है कि दर्जनों परिवार बेघर हो चुके हैं और सैकड़ों एकड़ जमीन नदी में समा चुकी है। कटिहार, पूर्णिया और किशनगंज में स्थिति धीरे-धीरे गंभीर होती जा रही है।
कटिहार जिले के कदवा और आजमनगर प्रखंड में महानंदा समेत अन्य नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। आजमनगर और कदवा प्रखंड के कई गांवों में नदी का पानी फैलने लगा है, जिससे निचले इलाकों में रहने वाले हजारों लोगों की चिंता बढ़ गई है। बेलगाछी और आसपास के इलाकों में मिट्टी का कटाव भी तेजी से हो रहा है।
पूर्णिया जिले के अमौर और बायसी के मल्हना गांव के पास महानंदा नदी ने रौद्र रूप धारण कर लिया है। यहां कई घर नदी में विलीन हो गए हैं। इसके बाद लोग विस्थापित होकर सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने को मजबूर हैं। वहीं किशनगंज में लगातार भारी बारिश और नदी के उफान के कारण तैयबपुर के पास निर्माणाधीन पुल को भी नुकसान पहुंचने की बात सामने आई है। हालांकि पानी घटने के बाद भी कटाव की समस्या बनी हुई है।
कटाव और फसलों के नुकसान से किसान परेशान
बारिश के कारण नदी का जलस्तर काफी बढ़ गया था और महानंदा नदी भी उफान पर रही। अब पानी घटने के साथ खेतों में जलभराव कम होने लगा है, लेकिन नदी किनारे कई स्थानों पर कटाव की समस्या सामने आई है। ग्रामीणों का कहना है कि कटाव के कारण उनकी उपजाऊ कृषि भूमि नदी में समा गई है। साथ ही धान और अन्य फसलों को भी नुकसान पहुंचा है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।
भारी बारिश के दौरान कुछ ग्रामीण मार्गों पर आवागमन भी प्रभावित हुआ था। अब जलस्तर कम होने के साथ अधिकांश रास्तों पर आवाजाही फिर से सामान्य होने लगी है। इसके बावजूद प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों से सतर्क रहने की अपील की है, क्योंकि जलस्तर में दोबारा बदलाव की संभावना बनी हुई है।
अंचल प्रशासन की टीम प्रभावित गांवों का सर्वे कर रही है और कटाव से हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए राहत एवं बचाव दल को अलर्ट मोड में रखा गया है। प्रशासन का कहना है कि यदि जलस्तर में दोबारा वृद्धि होती है तो तत्काल आवश्यक कदम उठाए जाएंगे, ताकि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।





