प्रवीण कुमार, कदवा (कटिहार)। प्रखंड के धपरसिया पंचायत अंतर्गत उत्क्रमित मध्य विद्यालय कुम्हला में रसोईघर नहीं रहने के कारण प्रधानमंत्री पोषण योजना के तहत छात्र-छात्राओं के लिए भोजन पकाने में काफी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। वर्ष 2011 में तत्कालीन प्रधानाध्यापक द्वारा रसोईघर का निर्माण कार्य शुरू कराया गया था, लेकिन निर्माण कार्य आज तक पूरा नहीं हो सका है। इसके कारण विद्यालय के एक कमरे और बरामदे में छात्र-छात्राओं के लिए भोजन पकाया जाता है। बरसात के मौसम में रसोइयों को खाना बनाने में विशेष परेशानी होती है। प्रधानाध्यापक रविंद्र नाथ मिश्र ने विभाग से रसोईघर का निर्माण कार्य पूरा कराने की मांग की है।
विद्यालय के छात्र-छात्राएं नियमित रूप से स्कूल ड्रेस में आते हैं और अनुशासित तरीके से पठन-पाठन करते हैं। योग्य शिक्षकों द्वारा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दिए जाने से बच्चों की पढ़ाई के प्रति रुचि बढ़ रही है। प्रधानाध्यापक रविंद्र नाथ मिश्र विद्यालय के शैक्षणिक एवं सर्वांगीण विकास को लेकर लगातार प्रयासरत हैं। उन्होंने विद्यालय में नियमित एवं रूटीन आधारित कक्षा संचालन, प्रार्थना सभा में बच्चों की सहभागिता, चेतना सत्र में संविधान पाठ और व्यायाम जैसी गतिविधियों को व्यवस्थित किया है।
प्रधानाध्यापक के प्रयास से विद्यालय की कक्षाओं और कार्यालय को व्यवस्थित किया गया है। सभी बच्चों को नियमित रूप से स्कूल ड्रेस पहनकर आने के लिए प्रेरित किया गया है। बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने के लिए अभियान भी चलाया गया। विद्यालय में स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जाता है और शौचालयों की नियमित सफाई कराई जाती है। बच्चों को टीएलएम किट के माध्यम से पढ़ाया जाता है तथा आनंददायी कक्षा का संचालन किया जाता है।
उत्क्रमित मध्य विद्यालय कुम्हला में कक्षा एक से आठ तक की पढ़ाई होती है। प्रधानाध्यापक ने बताया कि विद्यालय में कुल 408 छात्र-छात्राओं का नामांकन है। सभी छात्र-छात्राओं को पाठ्य पुस्तकें वितरित की जा चुकी हैं। इसके अलावा बच्चों के बीच बैग, पानी की बोतल और एफएलएन किट का भी वितरण किया गया है। प्रत्येक वर्ग कक्ष के ब्लैकबोर्ड का कालीकरण किया गया है।
प्रधानमंत्री पोषण योजना के तहत छात्र-छात्राओं को प्रत्येक कार्य दिवस में मीनू के अनुसार भोजन उपलब्ध कराया जाता है। चेतना सत्र में कैलेंडर के अनुसार सड़क दुर्घटना, भूकंप, आपदा, बीमारी, ठंड और लू से बचाव समेत विभिन्न विषयों पर जागरूकता गतिविधियां कराई जाती हैं।
प्रधानाध्यापक रविंद्र नाथ मिश्र ने बताया कि विद्यालय में शिक्षक-शिक्षिकाएं समय पर उपस्थित होकर पठन-पाठन और विद्यालय संचालन में सहयोग करते हैं। शिक्षिका शालू कुमारी, रिंकू कुमारी, कमल देव राम, अंजुमन आरा, सरिता सिंह, आरती कुमारी और शिक्षा सेवक सुबोल रविदास विद्यालय के संचालन में सहयोग करते हैं।
प्रधानाध्यापक रविंद्र नाथ मिश्र ने कहा कि कक्षा 6 से 8 के लिए संस्कृत, हिंदी, अंग्रेजी, गणित और विज्ञान विषय के शिक्षकों की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि विषयवार शिक्षक उपलब्ध होने से छात्र-छात्राओं की पढ़ाई और बेहतर हो सकेगी। इसके अलावा विद्यालय के जर्जर कमरों की मरम्मत, एक अतिरिक्त चापाकल, 50 सेट बेंच-डेस्क, पर्याप्त टेबल-कुर्सी एवं फर्नीचर, खेल सामग्री, ऊंची चहारदीवारी और मुख्य गेट निर्माण की भी जरूरत बताई।
प्रधानाध्यापक ने बताया कि विद्यालय परिसर में वर्ष 2011 में रसोईघर का निर्माण शुरू किया गया था, लेकिन काम पूरा नहीं होने के कारण यह आज भी अधूरा पड़ा है। रसोईघर के अभाव में मध्यान्ह भोजन तैयार करने में रसोइयों को काफी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने विभाग से जल्द रसोईघर का निर्माण पूरा कराने की मांग करते हुए कहा कि विद्यालय में रसोईघर बन जाने से भोजन तैयार करने की समस्या काफी हद तक दूर हो जाएगी।





