सहरसा। भाई-बहनों के अटूट प्रेम और स्नेह का पर्व रक्षाबंधन 28 अगस्त शुक्रवार को मनाया जाएगा। ब्रज किशोर ज्योतिष संस्थान एवं फाउंडेशन, डॉ. रहमान चौक, सहरसा के संस्थापक एवं कोशी के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित तरुण झा ने मिथिला विश्वविद्यालय पंचांग के अनुसार रक्षाबंधन के शुभ मुहूर्त की जानकारी दी है।
पंडित तरुण झा ने बताया कि 28 अगस्त को रक्षाबंधन का सर्वश्रेष्ठ शुभ मुहूर्त सूर्योदय से लेकर सुबह 9 बजकर 27 मिनट तक रहेगा। हालांकि उदया तिथि में पूर्णिमा होने के कारण रक्षाबंधन का पर्व पूरे दिन मनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस वर्ष पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त गुरुवार को सुबह 8 बजकर 39 मिनट के बाद शुरू होकर 28 अगस्त शुक्रवार को सुबह 9 बजकर 27 मिनट तक रहेगी। 28 अगस्त को भद्रा का कोई प्रभाव नहीं रहेगा।
पंडित झा के अनुसार शास्त्रीय परंपरा में रक्षाबंधन का उद्देश्य व्यक्ति की आयु और आरोग्य की रक्षा के साथ-साथ पारिवारिक स्नेह और प्रेम की भावना को मजबूत करना है। भविष्य पुराण में इंद्राणी द्वारा इंद्र की रक्षा के लिए रक्षा सूत्र बांधने का प्रसंग भी मिलता है।
उन्होंने बताया कि बहनें अपने भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधते समय उनकी लंबी आयु, सुख-समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य की कामना करती हैं। हिंदू धर्म के विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों में भी रक्षा सूत्र बांधते समय आचार्य संस्कृत मंत्रों का उच्चारण करते हैं, जिसमें रक्षाबंधन का संबंध राजा बलि से भी जुड़ा हुआ है।
भविष्य पुराण के अनुसार इंद्राणी द्वारा निर्मित रक्षा सूत्र को देवगुरु बृहस्पति ने इंद्र के हाथों में बांधते समय इस मंत्र का उच्चारण किया था—
“येन बद्धो बली राजा दानवेन्द्रो महाबलः।
तेन त्वां प्रतिबध्नामि रक्षे मा चल मा चल॥”
पंडित तरुण झा ने कहा कि रक्षाबंधन केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि भाई-बहन के अटूट प्रेम, विश्वास, स्नेह और एक-दूसरे की रक्षा के संकल्प का प्रतीक है।




