राजधानी पटना में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। पटना सिटी अनुमंडल क्षेत्र में गंगा का पानी बढ़ने के कारण भद्र घाट और महावीर घाट मार्ग डूब गए हैं। इसके चलते इन रास्तों पर वाहनों का परिचालन पूरी तरह बंद कर दिया गया है। सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने बैरिकेडिंग कर घाटों की ओर लोगों और वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी है।
एसडीओ कशिश बक्शी और एएसपी राज किशोर सिंह ने बुधवार को अधिकारियों के साथ भद्र घाट से कंगन घाट तक गंगा मार्ग का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने बताया कि गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए भद्र घाट, महावीर घाट होते हुए कंगन घाट जाने वाले मार्ग पर वाहनों का परिचालन रोक दिया गया है। अशोक राजपथ और गायघाट की ओर से इन घाटों तक जाने वाले रास्तों पर भी बैरिकेडिंग कर लोगों की आवाजाही रोकी गई है।
फतुहा क्षेत्र में कच्ची दरगाह से राघोपुर आने-जाने वाले वाहनों के परिचालन पर भी पूरी तरह रोक लगा दी गई है। सुरक्षा व्यवस्था के लिए यहां दंडाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है। प्रशासन लगातार गंगा के जलस्तर पर नजर बनाए हुए है और स्थिति के अनुसार आगे के कदम उठाए जाएंगे।
किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए एसडीआरएफ की 10 बोट, 28 जवान और छह गोताखोरों को तैनात किया गया है। इसके अलावा सीमा सुरक्षा बल के जवान चार बोट और 30 लाइफ जैकेट के साथ तैनात हैं। प्रशासन ने बताया कि आवश्यकता पड़ने पर प्रभावित इलाकों में धारा 163 लागू की जा सकती है।
प्रशासन ने बच्चों और महिलाओं से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। उन्हें गंगा की ओर जाने और नदी में स्नान करने से रोका गया है। वहीं, जलजमाव वाले इलाकों में मोटर लगाकर पानी की निकासी कराने के लिए नगर निगम के अधिकारियों को निर्देश दिया गया है। प्रशासन का कहना है कि गंगा के जलस्तर और प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है




