भागलपुर जिले में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है। जिले के 10 अंचलों की 56 पंचायतें बाढ़ से प्रभावित हैं। समेकित प्रतिवेदन के अनुसार बाढ़ के कारण 178 गांव एवं क्षेत्र, 347 वार्ड, 53,864 परिवार और 2,17,811 लोग प्रभावित हुए हैं। प्रभावित क्षेत्रों में लोगों तक राहत और जरूरी सुविधाएं पहुंचाने के लिए प्रशासन की ओर से लगातार राहत एवं बचाव कार्य चलाया जा रहा है।
बाढ़ प्रभावित इलाकों में जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए 71 नावों का परिचालन किया जा रहा है। इसके अलावा 3,990 पॉलीथिन शीट्स का वितरण किया गया है और 15 सामुदायिक रसोई संचालित की जा रही हैं। इन सामुदायिक रसोइयों के माध्यम से 1,06,930 लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई है।
बाढ़ के कारण अब तक 4,669 परिवारों के 22,035 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर निष्क्रमित किया गया है। इनमें खरिक अंचल में 2,876 परिवारों के 14,382 लोगों और नाथनगर अंचल में 1,500 परिवारों के 6,188 लोगों का निष्क्रमण शामिल है। प्रशासन द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में लगातार स्थिति की निगरानी की जा रही है।
स्वास्थ्य सेवाओं को भी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचाया जा रहा है। जिले में 13 स्वास्थ्य शिविर संचालित हैं, जिनसे अब तक 5,359 लोग लाभान्वित हुए हैं। वहीं, पशुओं के उपचार के लिए 8 पशु चिकित्सा शिविर और 5 चलंत पशु चिकित्सा दल सक्रिय हैं। अब तक 1,846 पशुओं का उपचार किया जा चुका है, जबकि जिले में कुल 25,923 पशु बाढ़ से प्रभावित बताए गए हैं।
राहत शिविरों में भी प्रभावित लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई है। TNB कॉलेजिएट भागलपुर, ईवनिंग कॉलेज भागलपुर, महाशय ड्योढ़ी, CTS/चर्च मैदान, बाल निकेतन, टिल्हा कोठी/रविन्द्र भवन और पॉलिटेक्निक कॉलेज मैदान में संचालित राहत शिविरों में कुल 5,161 लोगों के लिए भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है।
जिला प्रशासन का कहना है कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। प्रभावित परिवारों तक आवश्यक सहायता पहुंचाने के लिए संबंधित पदाधिकारियों और राहत-बचाव टीमों को सक्रिय रखा गया है।





