महेशपुर प्रखंड के बाबूदाहा पंचायत अंतर्गत जगदीशपुर गांव में पेयजल संकट से आक्रोशित ग्रामीण महिलाओं ने सोमवार को करीब पांच घंटे तक महेशपुर-शहरग्राम मुख्य सड़क जाम कर दिया। सुबह करीब 10 बजे महिलाओं ने सड़क पर बर्तन रखकर आवागमन रोक दिया। सड़क जाम होते ही दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया।
जाम की सूचना मिलने पर थाने के एएसआई अरविंद कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाकर जाम हटाने का प्रयास किया, लेकिन महिलाएं पेयजल समस्या के तत्काल समाधान की मांग पर अड़ी रहीं। सड़क जाम कर रहीं मोना देवी, रोशनी मड़ैया, लक्ष्मी पहाड़िया, रूपा पहाड़िन, शोखी पहाड़िन, लिलमुनि टुडू, शांति पहाड़िन और सोनाली पहाड़िन सहित दर्जनों महिलाओं ने कहा कि जब तक गांव में पेयजल की समस्या दूर नहीं होगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
ग्रामीणों के मुताबिक, गांव में लगी जलमीनार करीब 15 दिनों से खराब पड़ी थी। इसके अलावा तीन चापाकल भी खराब हैं। जलमीनार और चापाकलों के बंद रहने से गांव में पेयजल का गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है। ग्रामीणों ने बताया कि पानी की कमी के कारण रोजमर्रा के काम प्रभावित हो रहे हैं और कई लोग पिछले कई दिनों से स्नान तक नहीं कर पाए हैं। उनका कहना था कि समस्या की जानकारी पहले ही जनप्रतिनिधियों और पेयजल विभाग को दी जा चुकी थी, लेकिन समाधान नहीं होने के कारण उन्हें सड़क पर उतरना पड़ा।
इसी बीच बाबूदाहा पंचायत के मुखिया साइमन हेंब्रम जाम स्थल पर पहुंचे। उन्होंने महिलाओं और ग्रामीणों से बातचीत कर जल्द पेयजल समस्या का समाधान कराने का आश्वासन दिया। मुखिया के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने सड़क जाम हटाने पर सहमति जताई।
मुखिया साइमन हेंब्रम ने बताया कि ग्रामीणों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई की गई। मिस्त्री को बुलाकर जलमीनार की खराब मशीन की मरम्मत कराई गई और उसे चालू करा दिया गया। इसके बाद ग्रामीणों ने अपना आंदोलन समाप्त कर दिया।
करीब पांच घंटे तक सड़क जाम रहने के कारण महेशपुर-शहरग्राम मुख्य सड़क पर आवागमन प्रभावित रहा। जाम में फंसे राहगीरों और वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। सड़क जाम हटने के बाद यातायात सामान्य हुआ और लोगों ने राहत की सांस ली।





