भागलपुर में बाढ़ की भयावह स्थिति के बीच राहत और बचाव कार्यों को लेकर आपदा प्रबंधन मंत्री रत्नेश सदा ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। भागलपुर पहुंचे मंत्री ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर जमीनी स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद सर्किट हाउस में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर राहत कार्यों की स्थिति और प्रभावित लोगों को मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली।
मंत्री रत्नेश सदा ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता हर बाढ़ पीड़ित तक समय पर राहत पहुंचाना है। उन्होंने निर्देश दिया कि जिन इलाकों के लोग कम्युनिटी किचन तक नहीं पहुंच पा रहे हैं, वहां उनके घरों तक सूखा राशन के पैकेट उपलब्ध कराए जाएं। साथ ही नाथनगर के पश्चिमी इलाके में एक नया कम्युनिटी किचन शुरू करने का भी निर्देश दिया गया है।
मंत्री ने 13 प्रभावित पंचायतों से मिले आवेदनों को जिलाधिकारी को सौंपते हुए उनका तत्काल सत्यापन कराने और पात्र लोगों तक राहत पहुंचाने को कहा। जीआर राशि को लेकर उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि लाभुकों की सूची पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए और कोई भी वास्तविक बाढ़ पीड़ित सूची से नहीं छूटना चाहिए। पात्र लाभुकों के बैंक खातों में सहायता राशि जल्द भेजने के निर्देश भी दिए गए।
रत्नेश सदा ने राहत शिविरों में मेडिकल टीम, सर्पदंश रोधी इंजेक्शन, पर्याप्त पशुचारा और शुद्ध पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बाढ़ प्रभावित लोगों की जरूरतों को देखते हुए राहत सामग्री और जरूरी सुविधाओं की उपलब्धता में किसी तरह की कमी नहीं होनी चाहिए।
मंत्री ने साफ कहा कि राहत कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही या लालफीताशाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को पूरी संवेदनशीलता के साथ काम करने और यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि बाढ़ की इस मुश्किल घड़ी में कोई भी वास्तविक पीड़ित सरकारी राहत से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि यदि किसी पात्र व्यक्ति को राहत नहीं मिलती है तो संबंधित स्तर पर जवाबदेही तय की जाएगी।





