घाटशिला: खुशी जोहार फाउंडेशन की अध्यक्ष सह भाजपा नेत्री और समाजसेवी डॉ. सुनीता देबदुत सोरेन के नेतृत्व में रविवार को कॉलेज रोड स्थित उनके आवास पर निःशुल्क स्वास्थ्य परामर्श केंद्र का आयोजन किया गया। शिविर में जमशेदपुर स्थित ब्रह्मानंद के विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ. देबदुत सोरेन ने मरीजों की स्वास्थ्य जांच की और उन्हें आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श दिया। इस दौरान लोगों को विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं के प्रति जागरूक भी किया गया।
खुशी जोहार फाउंडेशन की ओर से यह स्वास्थ्य सेवा अभियान पिछले कई वर्षों से लगातार चलाया जा रहा है। डॉ. देबदुत सोरेन और डॉ. सुनीता देबदुत सोरेन की ओर से प्रत्येक माह के दूसरे रविवार को निःशुल्क चिकित्सा शिविर आयोजित किया जाता है। इसके माध्यम से जरूरतमंद और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को उनके क्षेत्र में ही विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।
रविवार को आयोजित निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर में कुल 27 मरीजों ने स्वास्थ्य परामर्श और चिकित्सकीय जांच का लाभ उठाया। शिविर में मरीजों ने अपनी स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं चिकित्सकों के सामने रखीं और आवश्यक सलाह प्राप्त की।
इस मौके पर डॉ. सुनीता देबदुत सोरेन ने कहा कि स्वस्थ समाज का निर्माण तभी संभव है, जब समाज के अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच सुनिश्चित हो। आर्थिक कठिनाइयों के कारण कई जरूरतमंद लोग समय पर डॉक्टर से परामर्श नहीं ले पाते हैं। ऐसे लोगों को ध्यान में रखते हुए फाउंडेशन की ओर से नियमित रूप से निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि फाउंडेशन का उद्देश्य केवल इलाज तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों को अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना भी है। समय रहते बीमारी की पहचान और उचित चिकित्सकीय सलाह मिलने से कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से बचा जा सकता है। उन्होंने कहा कि समाजसेवा का वास्तविक अर्थ तभी है, जब उसका लाभ जरूरतमंद लोगों तक पहुंचे।
डॉ. सुनीता देबदुत सोरेन ने कहा कि खुशी जोहार फाउंडेशन आने वाले दिनों में स्वास्थ्य, शिक्षा और जनकल्याण के क्षेत्र में अपनी सेवा गतिविधियों को और व्यापक करने के लिए प्रतिबद्ध है। शिविर में पहुंचे लोगों ने नियमित रूप से निःशुल्क स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने के लिए फाउंडेशन और चिकित्सकों के प्रति आभार जताया।
शिविर के आयोजन में सहयोगी के रूप में संतोष मुर्मू, शिवा टुडू और रघुवंश मिश्रा मौजूद रहे।





