पाकुड़: उपायुक्त मेघा भारद्वाज की अध्यक्षता में मंगलवार को समाहरणालय सभागार में जिला स्तरीय परामर्शदात्री समिति (डीएलसीसी) एवं जिला स्तरीय साख समिति (डीसीसी) की संयुक्त बैठक हुई। बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 की वार्षिक ऋण योजना, पहली तिमाही की प्रगति, ऋण-जमा अनुपात समेत विभिन्न बैंकिंग और वित्तीय योजनाओं की समीक्षा की गई।
बैठक में किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी), प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम उन्नयन योजना, मत्स्य पालन, डेयरी, स्वयं सहायता समूह वित्तपोषण, पीएम स्वनिधि, आरएसईटीआई और एनपीए खातों की स्थिति पर चर्चा हुई। इसके साथ ही प्रधानमंत्री जन-धन योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना और अटल पेंशन योजना की भी समीक्षा की गई।
उपायुक्त ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के निर्धारित वार्षिक ऋण लक्ष्य के अनुरूप प्रगति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में बैंकों की भूमिका महत्वपूर्ण है। बैंक प्रशासन के साथ बेहतर समन्वय बनाकर पात्र लाभुकों को समय पर ऋण और वित्तीय सहायता उपलब्ध कराएं।
मेघा भारद्वाज ने सभी बैंक प्रबंधकों को लंबित केसीसी समेत अन्य ऋण आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर जल्द निष्पादन करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि पात्र लाभुकों को अनावश्यक रूप से बैंक के चक्कर नहीं लगाने पड़ें। दस्तावेज पूरे होने पर आवेदनों को बिना अनावश्यक देरी के स्वीकृत किया जाए। उन्होंने कहा कि पात्र लाभुकों को समय पर वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना प्रशासन और बैंकों की संयुक्त जिम्मेदारी है।
उपायुक्त ने सर्टिफिकेट केस के लंबित मामलों के निष्पादन के लिए इसी माह विशेष शिविर आयोजित करने का भी निर्देश दिया। उन्होंने बैंकों के प्रतिनिधियों को शिविर में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहकर मामलों के निष्पादन में सहयोग करने को कहा।
प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम उन्नयन योजना की समीक्षा के दौरान उद्योग विभाग को महुआ, कच्चू, मधुमक्खी पालन और मशरूम से जुड़ी प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना के लिए प्राप्त आवेदनों को संबंधित बैंकों को भेजने और ऋण स्वीकृति की प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया गया। उपायुक्त ने कहा कि स्थानीय स्तर पर ऐसी इकाइयों की स्थापना से किसानों और ग्रामीण उद्यमियों की आय बढ़ेगी, रोजगार के अवसर पैदा होंगे और स्थानीय उत्पादों को बेहतर बाजार मिल सकेगा।
बैठक में उपायुक्त ने बैंकों से कहा कि सरकारी योजनाओं को केवल लक्ष्य तक सीमित न रखें, बल्कि उनके वास्तविक उद्देश्य को धरातल पर उतारने के लिए सक्रिय भूमिका निभाएं। बैठक में उप विकास आयुक्त, परियोजना निदेशक आईटीडीए, सांसद प्रतिनिधि, विधायक प्रतिनिधि, जिला पशुपालन पदाधिकारी, जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक समेत विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।





