पाकुड़। जिला मुख्यमंत्री स्कूल ऑफ एक्सीलेंस (राज+2), पाकुड़ के प्रांगण में बुधवार, 7 अक्टूबर को विद्यालय प्रशासन की ओर से प्रेस वार्ता आयोजित की गई। प्रभारी प्राचार्य राजू नंदन साहा ने मीडिया से सीधे संवाद करते हुए पिछले सत्र की शैक्षणिक उपलब्धियों, नए शैक्षणिक प्रयोगों, विद्यालय की जरूरतों और आगामी कार्यक्रमों की जानकारी दी। विद्यालय प्रशासन के अनुसार, सरकारी स्कूल के स्तर पर मीडिया से इस तरह सीधे संवाद की यह अनूठी पहल है।
प्रभारी प्राचार्य ने बताया कि विद्यालय का रंग-रोगन और अनुशासन अब किसी प्रतिष्ठित निजी विद्यालय से कम नहीं है। विद्यालय में पारदर्शी त्रिस्तरीय नामांकन प्रक्रिया अपनाई गई है। साथ ही पहली बार ‘प्रोजेक्ट केवाईएस’ यानी ‘अपने विद्यार्थी को जानें’ लागू किया गया है। इसके तहत विद्यार्थियों की प्रतिदिन लेखन क्षमता, परामर्श और व्यावसायिक गतिविधियों की निगरानी की जाती है। बेहतर शैक्षणिक वातावरण का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि हालिया अभिभावक-शिक्षक बैठक में रिकॉर्ड 522 अभिभावक शामिल हुए।
बोर्ड परीक्षार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विद्यालय प्रबंधन ने 75 प्रतिशत उपस्थिति के नियम में जरूरतमंद विद्यार्थियों को राहत देने की बात कही। बताया गया कि बीमारी की स्थिति में चिकित्सकीय रिपोर्ट और राज्य या राष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले विद्यार्थियों के खेल प्रमाणपत्र के आधार पर नामांकन सूची जमा करने के लिए न्यूनतम 50 प्रतिशत उपस्थिति तक मान्य होगी।
विद्यालय में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विभिन्न समितियों में स्थानीय पत्रकार संघ के एक प्रतिनिधि को शामिल करने का भी सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया।
शिक्षकों की कमी का मुद्दा प्रमुखता से उठा
प्रेस वार्ता के दौरान प्रभारी प्राचार्य राजू नंदन साहा ने विद्यालय में शिक्षकों की कमी का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने जिला शिक्षा पदाधिकारी से विद्यार्थियों के भविष्य को देखते हुए तत्काल शिक्षकों की प्रतिपूर्ति करने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि परीक्षा परिणामों के कारण जून माह में विद्यालय के कई शिक्षकों का अन्यत्र प्रतिनियोजन कर दिया गया था। इस संबंध में पत्रांक संख्या 276-78/26, दिनांक 22 अगस्त 2026 के माध्यम से विभाग को शिक्षक मांग पत्र भी सौंपा जा चुका है।
प्राचार्य ने कहा कि आगामी बोर्ड परीक्षाओं की बेहतर तैयारी और शत-प्रतिशत परिणाम के लिए पर्याप्त संख्या में शिक्षकों की उपलब्धता जरूरी है।
ऑडिटोरियम और खेल मैदान की मांग
विद्यालय के सर्वांगीण विकास को लेकर दो महत्वपूर्ण ढांचागत आवश्यकताओं पर भी जोर दिया गया। विद्यालय प्रशासन ने 500 से अधिक अभिभावकों की अभिभावक-शिक्षक बैठक, 20 दिसंबर को होने वाले पूर्व छात्र मिलन समारोह, विज्ञान एवं व्यावसायिक प्रदर्शनी और बड़े सांस्कृतिक आयोजनों के लिए सर्वसुविधायुक्त ऑडिटोरियम की आवश्यकता बताई।
इसके साथ ही विद्यार्थियों के शारीरिक विकास, स्कूल स्वास्थ्य एवं कल्याण कार्यक्रम, नियमित योगाभ्यास और विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन के लिए विद्यालय परिसर में सुसज्जित खेल मैदान उपलब्ध कराने की मांग की गई।
20 दिसंबर को स्थापना दिवस और पूर्व छात्र मिलन समारोह
प्रभारी प्राचार्य ने बताया कि आगामी 20 दिसंबर को विद्यालय का स्थापना दिवस समारोह और दूसरा पूर्व छात्र मिलन समारोह आयोजित किया जाएगा। उन्होंने वर्ष 2000 से 2005 बैच के सभी पूर्व विद्यार्थियों से विद्यालय पहुंचकर कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की।
प्रेस वार्ता के बाद प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। इसमें मीडिया प्रतिनिधियों ने विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, शुल्क संरचना, कार्यप्रणाली, दिनचर्या और अनुशासन समेत विभिन्न विषयों पर सवाल पूछे, जिनका विद्यालय प्रशासन की ओर से क्रमवार जवाब दिया गया।
इस दौरान प्रभारी प्राचार्य के साथ सुशील कुमार झा, निर्मल कुमार झा, नसीम उज्जेमा, शिउली घोष, पूनम कुमारी, बीना दे (अध्यक्ष), रुपाली सरकार (जन प्रतिनिधि) सहित विद्यालय के सभी शिक्षक उपस्थित रहे। विद्यालय प्रशासन ने प्रेस वार्ता को विद्यालय हित में सार्थक पहल बताया।





