दिनांक 26 अप्रैल को अपराह्न 1 बजे पर्यावरण अध्ययन विभाग की संकाय सदस्य डॉ॰ अमृता लाल की लिखित दो पुस्तकों का प्रशासनिक भवन के सम्मेलन कक्ष में कुलपति डॉ. तपन कुमार शांडिल्य द्वारा विमोचन किया गया।
यह दो पुस्तकें – ब्यूटिया मोनो स्पर्मा : द फ्लेम ऑफ फॉरेस्ट और एनवायरनमेंटल साइंस प्रैक्टिकल के नाम से शीर्षांकित है। कुलपति डॉ॰ तपन कुमार शांडिल्य ने इन पुस्तकों के विमोचन पर कहा कि यह काफी हर्ष का विषय है कि विश्वविद्यालय में जर्नल और पुस्तकों का प्रकाशन नियमित अंतराल पर किया जा रहा है। उन्होंने दोनों पुस्तकों की सराहना करते हुए कहा कि यह दोनों पुस्तकें विद्यार्थियों को केंद्र बिंदु रखते में हुए लिखी गई है जो उनके लिए काफी उपयोगी होगी। पुस्तक की लेखिका डॉ॰ अमृता लाल ने मौके पर कहा कि डॉ॰ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय में विद्यार्थी के तौर पर अध्ययन और अध्यापन के उपरांत यहां से ही अपनी दो पुस्तकों का प्रकाशन उनके लिए काफी गौरवान्वित करने वाला पल है। उन्होंने इन पुस्तकों के प्रकाशन के लिए कुलपति डॉ॰ तपन कुमार शांडिल्य, कुलसचिव डॉ॰ नमिता सिंह, पर्यावरण अध्ययन की समन्वयक डॉ॰ नमिता लाल के साथ अपने सभी विभागीय और पारिवारिक सदस्यों का आभार प्रकट करते हुए उन्हें इन पुस्तकों के लेखन का प्रेरणास्रोत बताया । उन्होंने कहा कि यह दोनों पुस्तकें स्नातक और स्नातकोत्तर के विद्यार्थियों के अकादमिक हितों को ध्यान में रखकर लिखी गईं है। मौके पर डॉ॰ नमिता लाल,डॉ॰ सजलेंदू घोष ने भी पुस्तकों के संबंध में अपने विचार रखें। धन्यवाद ज्ञापन डॉ॰ जीसी बास्के ने किया। इस अवसर पर कुलसचिव डॉ. नमिता सिंह, विभिन्न विभागों के सभी विभागाध्यक्ष और समन्वयक मौजूद थे।
विश्वविद्यालयों का यह सामूहिक प्रयास हो कि महिला सशक्तिकरण के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करें – प्रो बिमल प्रसाद सिंह
दिनांक 30 नवंबर को इंडियन एसोसिएशन ऑफ वूमेन स्ट्डीज, डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय, रांची और गुरुनानक कॉलेज, धनबाद के संयुक्त सौजन्य से dr श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय, रांची के सभागार में दो दिवसीय मध्य पूर्वी क्षेत्रीय कांफ्रेंस का समापन हुआ। इस दो दिवसीय वर्कशॉप सह कांफ्रेंस का विषय था, जेंडर एंड मार्जिनलाइजेशन इन मिड … Read more