
भागलपुर में कर्मचारी आंदोलन के अग्रणी नेता कॉमरेड जगदीश दास की 7वीं स्मृति दिवस शुक्रवार को श्रद्धापूर्वक मनाई गई। इस अवसर पर मोहनपुर स्थित कॉमरेड जगदीश-बौधी स्मृति आवास में उनकी तस्वीर पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत नेता को याद किया तथा मजदूरों और कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा के संघर्ष को आगे बढ़ाने का सामूहिक संकल्प लिया।
भाकपा माले के भागलपुर जोन प्रभारी एवं ऐक्टू के राज्य सचिव मुकेश मुक्त ने कॉमरेड जगदीश दास के व्यक्तित्व और संघर्षों को याद करते हुए कहा कि वे अत्यंत साहसी, सरल और मजदूर-कर्मचारियों के हितों के प्रति पूरी तरह समर्पित थे। उन्होंने कई बार सरकारी तंत्र में व्याप्त सामंती प्रवृत्तियों और अफसरशाही को खुली चुनौती दी।
उन्होंने कहा कि वर्ष 1990-91 में चकबंदी विभाग के कार्य बंद होने के बाद कर्मचारियों के समायोजन की लड़ाई में जगदीश दास ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए संघर्ष किया।
ऐक्टू के जिला संयुक्त सचिव अमर कुमार ने कहा कि जगदीश दास अपने कार्यों के प्रति ईमानदार, सजग और सामाजिक सरोकारों के प्रति संवेदनशील थे। वे सहकर्मियों और आम लोगों के प्रति हमेशा उदार रहे तथा अपने विचारों के प्रति स्पष्ट और प्रतिबद्ध थे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ गोपगुट के जिला अध्यक्ष एवं भाकपा माले के नगर सचिव विष्णु कुमार मंडल ने की। इस अवसर पर कई सामाजिक एवं श्रमिक संगठनों के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और परिजन उपस्थित रहे।
वक्ताओं ने कहा कि कॉमरेड जगदीश दास के संघर्ष, विचार और मजदूर-कर्मचारियों के अधिकारों के लिए उनका योगदान आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।

