बिहार: वेतन न मिलने से शिक्षकों में आक्रोश, 4 माह से बकाया वेतन पर 10 जून को प्रदर्शन

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बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप कुमार पप्पू ने राज्य सरकार की लापरवाही के कारण शिक्षकों को चार माह से वेतन न मिलने की जानकारी दी है। जीओबी (GOB) मद में आवंटन न होने से शिक्षकों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। संघ ने मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री से अविलंब राशि आवंटित करने की मांग की है। चेतावनी दी गई है कि जून के प्रथम सप्ताह में भुगतान न हुआ तो 10 जून को जिला मुख्यालयों में प्रदर्शन होगा।

शिक्षा विभाग की उदासीनता: बिहार में चार महीने से वेतन के लिए तरस रहे शिक्षक

बिहार के प्रारंभिक शिक्षकों के लिए वर्तमान समय अत्यंत चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। मार्च 2026 से ही नियोजित और नियमित शिक्षकों को मासिक वेतन नहीं मिला है, जिससे उनके परिवारों के भरण-पोषण पर संकट के बादल छा गए हैं। बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप कुमार पप्पू ने इस मामले को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

वेतन संकट का मुख्य कारण: जीओबी मद में आवंटन का अभाव

प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप कुमार पप्पू ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से स्पष्ट किया कि शिक्षकों का वेतन भुगतान जीओबी (GOB) मद से किया जाता है। राज्य सरकार और शिक्षा विभाग द्वारा जिला स्तर पर इस मद में राशि का आवंटन अब तक नहीं किया गया है। सरकारी आदेश के अनुसार शिक्षकों को प्रतिमाह की पहली तारीख को वेतन मिलना चाहिए, ताकि शिक्षा की गुणवत्ता बनी रहे। लेकिन विडंबना यह है कि नई सरकार के गठन के बावजूद व्यवस्था में सुधार के स्थान पर शिक्षकों का वेतन संकट और गहरा गया है।

शिक्षकों की व्यथा और आर्थिक चुनौतियां

विशेष रूप से अल्प-वेतनभोगी नियोजित शिक्षकों की स्थिति बदतर हो गई है। चार महीने से वेतन न मिलने के कारण वे कर्ज के बोझ तले दबते जा रहे हैं। प्रदीप कुमार पप्पू ने कहा, “राज्य की शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए शिक्षकों का समय पर वेतन भुगतान पहली शर्त है। जब शिक्षक आर्थिक तनाव में रहेंगे, तो वे छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा कैसे दे पाएंगे?” यह स्थिति न केवल शिक्षकों के साथ अन्याय है, बल्कि राज्य सरकार की प्रशासनिक विफलता को भी दर्शाती है।

संघ की चेतावनी: 10 जून को होगा राज्यव्यापी आंदोलन

शिक्षक संघ ने इस गंभीर मामले पर मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री, मुख्य सचिव और शिक्षा विभाग के सचिव को ईमेल के माध्यम से ज्ञापन सौंपा है। संघ ने मांग की है कि जिले को जीओबी मद की राशि अविलंब आवंटित की जाए। प्रदेश अध्यक्ष ने चेतावनी दी है कि यदि जून माह के प्रथम सप्ताह के भीतर वेतन भुगतान सुनिश्चित नहीं किया गया, तो 10 जून 2026 को राज्य के सभी जिला मुख्यालयों में शिक्षक संघ धरना-प्रदर्शन करेगा।

सरकार से जवाबदेही की उम्मीद

शिक्षकों के इस आंदोलन से राज्य के शैक्षणिक माहौल पर असर पड़ना तय है। अब देखना यह है कि क्या शिक्षा विभाग समय रहते आवंटन जारी कर शिक्षकों के गुस्से को शांत करता है, या फिर आने वाले दिनों में शिक्षकों को अपनी मांगों के लिए सड़कों पर उतरना पड़ेगा। प्रदेश अध्यक्ष ने स्पष्ट कर दिया है कि शिक्षकों के आत्म-सम्मान और उनके अधिकारों के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

rohini shree
Author: rohini shree

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