भागलपुर: छात्र आंदोलन के दौरान तिलकामांझी चौक पर हुई हिंसा और पथराव की घटना के बाद जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी अलंकृता पांडे और वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) प्रमोद कुमार यादव ने संयुक्त प्रेस वार्ता कर मामले में अब तक की कार्रवाई की जानकारी दी।
एसएसपी प्रमोद कुमार यादव ने बताया कि घटना में शामिल 20 लोगों को हिरासत (डिटेन) में लिया गया है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज, वीडियो रिकॉर्डिंग और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर उपद्रवियों की पहचान कर रही है। उन्होंने कहा कि जांच में जिसकी भी संलिप्तता सामने आएगी, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून के सामने सभी समान हैं और किसी भी प्रभावशाली व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
वहीं, जिलाधिकारी अलंकृता पांडे ने कहा कि हिंसा के दौरान सरकारी वाहनों समेत सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया है। ऐसे में दोषियों से सरकारी संपत्ति को हुए नुकसान की भरपाई कराई जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर आरोपियों की संपत्ति कुर्क करने की कार्रवाई भी की जाएगी।
प्रशासन ने साफ किया है कि जिले में कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। हिंसा में शामिल सभी आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई लगातार जारी है।





