
महागामा: नगर क्षेत्र में हूल दिवस श्रद्धा, सम्मान और उत्साह के साथ मनाया गया। प्रखंड के दियाजोरी स्थित सिद्धू-कान्हू प्रतिमा स्थल और ऊर्जानगर कॉलोनी में स्थापित प्रतिमा पर झामुमो, कांग्रेस, भाजपा सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों ने सिद्धू मुर्मू, कान्हू मुर्मू तथा संताल हूल के सभी अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
नगर पंचायत अध्यक्ष प्रबोध सोरेन के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने भाग लिया। सभी ने शहीदों की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उनके अद्वितीय बलिदान को याद किया और जल, जंगल, जमीन तथा आदिवासी-मूलवासी समाज के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्षरत रहने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर प्रबोध सोरेन ने कहा कि सिद्धू-कान्हू का संघर्ष झारखंड की पहचान, स्वाभिमान और सामाजिक न्याय का प्रतीक है। उन्होंने युवाओं से शहीदों के आदर्शों को अपनाकर राज्य और समाज के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
झामुमो प्रखंड अध्यक्ष मो. अजीमुद्दीन ने कहा कि 1855 का संताल हूल भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के शुरुआती और गौरवशाली आंदोलनों में से एक था। सिद्धू-कान्हू ने अंग्रेजी शासन और शोषण के खिलाफ संघर्ष कर आदिवासी समाज में अधिकार, स्वाभिमान और आत्मसम्मान की नई चेतना जगाई। उन्होंने कहा कि हूल दिवस केवल शहीदों को श्रद्धांजलि देने का अवसर नहीं, बल्कि उनके विचारों और संघर्ष को आगे बढ़ाने का भी संकल्प दिवस है।
कार्यक्रम में झामुमो अल्पसंख्यक मोर्चा के जिला अध्यक्ष मो. अरमगान, गोपाल मंडल, रहीम अंसारी, रामजी मुर्मू, परमेश्वर मुर्मू, मोहम्मद जुबेर, मोहम्मद एहतेशाम, जमशेद, तबरेज, अब्दुल गफ्फार, मोहम्मद बंटी सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एवं समर्थक उपस्थित रहे।

