
कटिहार: जिले के डंडखोरा प्रखंड के महेशपुर में करीब 5.96 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन कंक्रीट सड़क पुल पिछले चार से पांच वर्षों से अधूरा पड़ा है। निर्माण कार्य ठप होने के कारण हजारों ग्रामीणों को रोजाना आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
यह पुल बस्तोल-सोनैली मार्ग पर मखना पटहारा, महेशपुर होते हुए कदवा प्रखंड के भोगांव को जोड़ने वाली मुख्य सड़क पर बनाया जा रहा है। यह मार्ग डंडखोरा, प्राणपुर और कदवा प्रखंडों के साथ-साथ जिला मुख्यालय तक आवागमन के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार और संबंधित विभाग के अधिकारियों की लापरवाही के कारण निर्माण कार्य वर्षों से अधूरा पड़ा है। करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद पुल अब तक लोगों के उपयोग के लिए तैयार नहीं हो सका है।
फिलहाल पुल के नीचे प्रशासन द्वारा बनाया गया अस्थायी डायवर्सन ही आवागमन का एकमात्र विकल्प है। लेकिन बारिश और बाढ़ के दौरान यह डायवर्सन पूरी तरह पानी में डूब जाता है, जिससे सड़क संपर्क टूट जाता है। ऐसी स्थिति में लोगों को नाव के सहारे नदी पार करनी पड़ती है। इसका सबसे अधिक असर मरीजों, गर्भवती महिलाओं, स्कूली बच्चों और दैनिक यात्रियों पर पड़ता है।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि अधूरे पुल का निर्माण कार्य जल्द पूरा कराया जाए, ताकि लोगों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।

