
महेशपुर: महेशपुर-पाकुड़िया मुख्य मार्ग पर 22 जून को हुए दर्दनाक सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल 20 वर्षीय नयन सिंह आखिरकार जिंदगी की जंग हार गया। छह दिनों तक इलाज के बाद 28 जून को कोलकाता के एक निजी अस्पताल में उसकी मौत हो गई। 30 जून को उसका पार्थिव शरीर पैतृक गांव देवीनगर पहुंचा, जहां गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया। नयन की मौत से पूरे गांव और क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
नयन सिंह, निक्कू सिंह का बड़ा पुत्र था। परिवार में दादा-दादी, माता-पिता, चाचा और एक छोटा भाई हैं। परिजनों ने बताया कि दुर्घटना के बाद उसे पहले स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने बेहतर इलाज के लिए कोलकाता रेफर किया, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।
गौरतलब है कि 22 जून को हुए इसी सड़क हादसे में स्कूटी सवार एक अन्य युवक की घटनास्थल पर ही मौत हो गई थी, जबकि नयन गंभीर रूप से घायल हो गया था। नयन की मौत के बाद इस हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर दो हो गई है। इस दुखद घटना ने दोनों परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है।
नयन की मौत की खबर गांव पहुंचते ही देवीनगर में मातम पसर गया। ग्रामीणों ने बताया कि वह मिलनसार और व्यवहार कुशल युवक था। उसकी अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए और नम आंखों से उसे अंतिम विदाई दी।
इस हादसे के बाद एक बार फिर महेशपुर-पाकुड़िया मुख्य मार्ग पर सड़क सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से इस मार्ग पर गति सीमा निर्धारित करने, चेतावनी संकेतक लगाने तथा अन्य आवश्यक सुरक्षा उपाय लागू करने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की दुर्घटनाओं को रोका जा सके।

