
नवगछिया: रंगरा स्थित तेजनारायण उच्च विद्यालय परिसर में संचालित डिग्री कॉलेज को विनोबा भावे महाविद्यालय स्थानांतरित किए जाने के विरोध में छात्रों का अनिश्चितकालीन आमरण अनशन दूसरे दिन भी जारी रहा। छात्रों के आंदोलन को ग्रामीणों और क्षेत्रवासियों का लगातार समर्थन मिल रहा है।
अनशन स्थल पर सैकड़ों छात्र-छात्राएं और ग्रामीण मौजूद रहे। छात्राओं ने भी बड़ी संख्या में पहुंचकर अपना विरोध दर्ज कराया और कॉलेज को रंगरा में ही संचालित रखने की मांग की। आंदोलनकारियों का कहना है कि वे पहले मशाल जुलूस, पुतला दहन, आक्रोश मार्च और हस्ताक्षर अभियान जैसे चरणबद्ध आंदोलन चला चुके हैं, लेकिन मांगें पूरी नहीं होने पर अब आमरण अनशन का रास्ता अपनाया गया है।
अनशन पर बैठे आशुतोष सिंह, अनुज चौरसिया और मृदुल शर्मा ने कहा कि जब तक डिग्री कॉलेज का स्थानांतरण रद्द नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उनका आरोप है कि भवन निर्माण और पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद कॉलेज का स्थानांतरण किया गया, जो क्षेत्र के छात्रों और आम जनता के साथ अन्याय है।
आंदोलनकारियों का यह भी कहना है कि जिस स्थान पर कॉलेज को स्थानांतरित किया गया है, वह बाढ़ प्रभावित क्षेत्र है, जहां हर वर्ष कई महीनों तक जलभराव की स्थिति बनी रहती है। इससे छात्रों की पढ़ाई प्रभावित होगी और उच्च शिक्षा प्राप्त करने में कठिनाई आएगी।
आमरण अनशन को समर्थन देने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता भी पहुंचे। आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।

