रुक्मिणी विवाह प्रसंग में भावविभोर हुए श्रद्धालु, गोविंद शरण महाराज ने बताया कर्मफल का महत्व

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गोड्डा। श्री दादी श्याम मंदिर प्रांगण में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन भगवान श्रीकृष्ण और रुक्मिणी विवाह का मनोहारी प्रसंग सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। कथा के जजमान प्रीतम गाडिया एवं श्वेता गाडिया ने विधि-विधान के साथ देवी-देवताओं का पूजन किया। इस अवसर पर प्रत्येक वर्ष की तरह इस वर्ष भी खाटूश्याम निशुल्क यात्रा के लिए पर्ची निकाली गई।

कथा वाचक गोविंद शरण महाराज ने रुक्मिणी विवाह प्रसंग का वर्णन करते हुए कहा कि रुक्मिणी जी की भगवान श्रीकृष्ण के प्रति अटूट आस्था और समर्पण ने उन्हें भगवान का प्रिय बना दिया। जब रुक्मिणी जी का विवाह उनकी इच्छा के विरुद्ध किसी अन्य से कराने की तैयारी की गई, तब उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण को संदेश भेजकर अपने मन की बात कही। भक्त की पुकार सुनकर भगवान श्रीकृष्ण स्वयं पहुंचे और रुक्मिणी को अपने साथ ले जाकर विवाह किया।

महाराज ने कहा कि रुक्मिणी विवाह केवल विवाह का प्रसंग नहीं है, बल्कि यह सच्ची भक्ति, विश्वास और समर्पण की विजय का संदेश देता है। जब भक्त का विश्वास अटूट होता है, तो भगवान अपने भक्त की पुकार अवश्य सुनते हैं।

कथा के दौरान कर्मफल के महत्व पर प्रकाश डालते हुए गोविंद शरण महाराज ने कहा कि मनुष्य जैसा कर्म करता है, उसे उसी के अनुरूप फल प्राप्त होता है। संसार में कर्म की गति से कोई नहीं बच सकता। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से जुड़े विभिन्न प्रसंगों के माध्यम से श्रद्धालुओं को कर्म के सिद्धांत को समझाया।

उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के अधिकार या भावनाओं को ठेस पहुंचाई जाती है तो उसका परिणाम किसी न किसी रूप में सामने आता है। भगवान श्रीकृष्ण के पुत्र प्रद्युम्न के शंबरासुर द्वारा अपहरण का प्रसंग भी कर्मफल के सिद्धांत को समझाने वाला महत्वपूर्ण प्रसंग है।

गोविंद शरण महाराज ने श्रद्धालुओं से कहा कि जीवन में परिस्थितियां चाहे जैसी हों, मनुष्य को सत्य, धर्म और सदाचार का मार्ग कभी नहीं छोड़ना चाहिए। ईश्वर में आस्था रखते हुए अपने कर्तव्यों का पालन करना ही मानव जीवन की सच्ची सार्थकता है।

रुक्मिणी विवाह प्रसंग के दौरान कथा स्थल पर भक्तिमय माहौल बना रहा। श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण और रुक्मिणी के जयकारे लगाए। जय श्रीकृष्ण और राधे-राधे के जयघोष से पूरा मंदिर परिसर गूंज उठा।

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Author: kelanchaltimes

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