महेशपुर: महेशपुर के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) विजय कुमार के सरकारी आवास पर शनिवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब करीब 5.5 फीट लंबा स्पेक्टेकल्ड कोबरा (भारतीय नाग) मुख्य दरवाजे से घर के अंदर घुसने का प्रयास करने लगा। समय रहते खतरे का पता चलने से एक बड़ा हादसा टल गया।
सबसे पहले सांप को एसडीपीओ के पालतू कुत्ते ने देखा। कुत्ते ने लगातार भौंककर घर में मौजूद सभी लोगों को संभावित खतरे के प्रति सतर्क कर दिया। उसकी वफादारी और सतर्कता की बदौलत परिवार के सभी सदस्य समय रहते सुरक्षित स्थान पर पहुंच गए और कोई अप्रिय घटना नहीं हुई।
घटना की सूचना मिलते ही वन्यजीव रक्षक (स्नेक रेस्क्यूअर) अशरफुल शेख मौके पर पहुंचे। उन्होंने अपनी सूझबूझ और अनुभव का परिचय देते हुए अत्यंत विषैले भारतीय नाग का सुरक्षित रेस्क्यू किया। काफी सावधानी के साथ सांप को पकड़कर उसके प्राकृतिक आवास के अनुकूल सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया गया।
रेस्क्यूअर अशरफुल शेख ने बताया कि स्पेक्टेकल्ड कोबरा (भारतीय नाग) भारत के सबसे विषैले सांपों में से एक है। उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि कहीं सांप दिखाई दे तो घबराएं नहीं, न ही उसे मारने का प्रयास करें। सुरक्षित दूरी बनाए रखें और तुरंत प्रशिक्षित स्नेक रेस्क्यू टीम या वन विभाग को सूचना दें। समय पर सतर्कता और सही कार्रवाई से किसी भी बड़ी दुर्घटना से बचा जा सकता है।





