हिंदू समाज पार्टी के राष्ट्रीय संरक्षक संजीव कुमार सिंह ने केंद्र सरकार से देश की वर्तमान आर्थिक स्थिति पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग की है। उन्होंने बैंकों से कथित तौर पर भारी धन निकासी और विशेषज्ञों द्वारा व्यक्त की जा रही चिंताओं पर सरकार से स्पष्टीकरण मांगा है। संजीव सिंह ने कहा कि देश को सच्चाई जानने का हक है और इस गंभीर विषय पर सदन का विशेष सत्र बुलाकर सार्वजनिक परिचर्चा कराई जानी चाहिए।
आर्थिक संकट की आहट? हिंदू समाज पार्टी ने सरकार से मांगे जवाब
नई दिल्ली स्थित पार्टी कार्यालय से जारी एक बयान में हिंदू समाज पार्टी के राष्ट्रीय संरक्षक संजीव कुमार सिंह ने देश की आर्थिक दशा को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने केंद्र की मोदी-शाह सरकार को आड़े हाथों लेते हुए देश की अर्थव्यवस्था पर एक ‘श्वेत पत्र’ जारी करने की पुरजोर मांग की है। श्री सिंह ने सवाल किया कि क्या सरकार के पास अर्थव्यवस्था को लेकर कोई स्पष्ट नीति है, या देश वाकई किसी बड़े आर्थिक बुरे दौर की ओर बढ़ रहा है?
बैंकों से निकासी और विशेषज्ञों की चिंता
संजीव सिंह ने मीडिया के माध्यम से सरकार से कुछ तीखे सवाल किए हैं। उन्होंने कथित तौर पर देश के बैंकों से विगत पंद्रह दिनों के भीतर 61,000 करोड़ रुपये की बड़ी निकासी का मुद्दा उठाते हुए सरकार से इस पर सफाई मांगी है। उन्होंने कहा कि देश के जाने-माने आर्थिक सलाहकार और विशेषज्ञ लगातार अर्थव्यवस्था के लिए खराब संकेत दे रहे हैं। ऐसे में सरकार की चुप्पी कई संदेह पैदा करती है। जनता को यह जानने का पूरा अधिकार है कि देश की आर्थिक बुनियाद कितनी मजबूत है और क्या बैंकों में उनका पैसा सुरक्षित है।
सदन का विशेष सत्र और सार्वजनिक परिचर्चा
हिंदू समाज पार्टी के संरक्षक ने आगे कहा कि केवल श्वेत पत्र जारी करना ही पर्याप्त नहीं है। इस अत्यंत महत्वपूर्ण और चिंताजनक विषय पर संसद का विशेष सत्र बुलाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश में तेजी से बढ़ती महंगाई और घटती आर्थिक विकास की संभावनाओं पर संसद में व्यापक चर्चा होनी चाहिए ताकि स्थिति की गंभीरता को समझा जा सके। संजीव सिंह के अनुसार, जब तक सरकार जनता के सामने वास्तविकता नहीं रखेगी, तब तक आम नागरिकों में व्याप्त भय और अनिश्चितता का माहौल बना रहेगा।
जनता को है सच्चाई जानने का हक
अपने बयान में संजीव सिंह ने जोर देकर कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक देश की सरकार का यह प्राथमिक कर्तव्य है कि वह देश की वास्तविक वित्तीय स्थिति से अपने नागरिकों को अवगत कराए। उन्होंने कहा कि आर्थिक मामलों में पारदर्शिता ही विश्वास का आधार होती है। सरकार को चाहिए कि वह अर्थशास्त्रियों, विपक्ष और जनता के प्रतिनिधियों के साथ एक सार्वजनिक संवाद करे। हिंदू समाज पार्टी का मानना है कि यदि स्थिति नियंत्रण से बाहर हो रही है, तो सरकार को इसे स्वीकार करना चाहिए और इसके समाधान के लिए एक पारदर्शी रोडमैप पेश करना चाहिए।
हिंदू समाज पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने इस मुद्दे पर चुप्पी साधे रखी, तो जनता का विश्वास और कमजोर होगा। आर्थिक मोर्चे पर जारी यह खींचतान आने वाले दिनों में और तेज हो सकती है। फिलहाल, संजीव सिंह की इस मांग ने राजनीतिक गलियारों में एक नई बहस छेड़ दी है कि क्या वाकई अर्थव्यवस्था को लेकर कोई छिपा हुआ संकट है, जिसका सामना देश कर रहा है।






