मेहरमा में 1.31 लाख रुपये की लूट की कहानी सुनाकर पुलिस को गुमराह करने वाले फाइनेंस कर्मी का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। जांच में सामने आया कि कथित लूट की घटना असल में फर्जी थी। कंपनी के रुपये हड़पने की नीयत से कर्मचारी ने ही चार अज्ञात अपराधियों द्वारा पिस्टल के बल पर लूट की झूठी कहानी गढ़ी थी। पुलिस ने आरोपी फाइनेंस कर्मी को गिरफ्तार कर उसके पास से 1.22 लाख रुपये नकद, वीवो वी-27 मोबाइल फोन और घटना में इस्तेमाल मोटरसाइकिल बरामद की है।
जानकारी के अनुसार, आईआईएफएल समस्ता माइक्रोफाइनेंस लिमिटेड की कहलगांव शाखा में कार्यरत शंभू कुमार शर्मा ने 6 सितंबर की रात बलबड्डा थाना क्षेत्र के चौरा-धनकुड़िया गांव के पास चार अज्ञात अपराधियों द्वारा पिस्टल का भय दिखाकर 1.31 लाख रुपये लूट लिए जाने की शिकायत दर्ज कराई थी। बताया गया था कि यह रकम ग्राहकों से लोन की किस्त के रूप में प्राप्त हुई थी। शिकायत के आधार पर बलबड्डा थाना कांड संख्या 55/2026 दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की।
घटना की गंभीरता को देखते हुए महागामा एसडीपीओ के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के साथ मामले के विभिन्न पहलुओं की जांच की। जांच के दौरान पुलिस को शिकायत में बताई गई घटना पर संदेह हुआ। इसके बाद शंभू कुमार शर्मा से पूछताछ की गई, जिसमें पुलिस के मुताबिक उसने कथित लूट की घटना की सच्चाई स्वीकार कर ली।
पुलिस के अनुसार, कंपनी की रकम हड़पने के लिए शंभू कुमार शर्मा ने चार अज्ञात अपराधियों द्वारा लूट की झूठी कहानी तैयार की थी। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने ग्राहकों से वसूली गई 1.22 लाख रुपये की नकदी, वीवो वी-27 एंड्रॉयड मोबाइल फोन और घटना में इस्तेमाल होंडा एसपी-125 मोटरसाइकिल बरामद की।
मामले में कंपनी की ओर से शंभू कुमार शर्मा के खिलाफ बलबड्डा थाना कांड संख्या 56/2026 दर्ज कराया गया है। पुलिस ने उसके खिलाफ धारा 316(5) बीएनएस के तहत प्राथमिकी दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
पुलिस की इस कार्रवाई में मेहरमा प्रभाग की पुलिस निरीक्षक रूबी मिन्ज, बलबड्डा थाना प्रभारी पंकज कुमार सिंह, मेहरमा थाना प्रभारी सौरभ कुमार ठाकुर, पुलिस अवर निरीक्षक मुक्तेश्वर राम सहित बलबड्डा थाना सशस्त्र बल के जवान शामिल रहे।





