पाकुड़: विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) 2026 को लेकर जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त मेघा भारद्वाज की अध्यक्षता में शुक्रवार को समाहरणालय सभागार में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में एसआईआर 2026 के तहत अब तक हुए कार्यों, 22 एवं 23 अगस्त को आयोजित होने वाले विशेष शिविरों तथा 24 अगस्त से शुरू होने वाली मैपिंग-मैचिंग से संबंधित मामलों की सुनवाई की तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की गई।
जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त मेघा भारद्वाज ने कहा कि 22 एवं 23 अगस्त 2026 को जिले के सभी मतदान केंद्रों पर विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों को विशेष अभियान चलाकर अधिक से अधिक मतदाताओं की भागीदारी सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि शिविरों के माध्यम से मतदाता सूची में नाम जोड़ने, नाम एवं विवरण में सुधार सहित अन्य आवश्यक कार्यों का निष्पादन किया जाएगा।
उन्होंने विशेष शिविरों में प्रपत्र-6 एवं प्रपत्र-8 से संबंधित कार्यों पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया। साथ ही मतदाताओं को अपने परिवार के अन्य सदस्यों के साथ शिविर में पहुंचने के लिए प्रेरित करने को कहा, ताकि एक ही परिवार के कई सदस्यों के नाम जोड़ने अथवा मतदाता सूची में दर्ज विवरण में आवश्यक सुधार से संबंधित कार्य एक साथ किए जा सकें।
जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को विशेष शिविरों का नमूना निरीक्षण करने का निर्देश भी दिया, जिससे मतदान केंद्र स्तर पर चल रहे कार्यों की स्थिति, गुणवत्ता एवं प्रगति का आकलन किया जा सके। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि एसआईआर के कार्य में शुद्धता, पारदर्शिता एवं समयबद्धता का विशेष ध्यान रखा जाए।
24 अगस्त से शुरू होगी मैपिंग-मैचिंग मामलों की सुनवाई
बैठक में जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि एसआईआर के दौरान जिन मतदाताओं की मैपिंग नहीं हो पाई है अथवा मैपिंग-मैचिंग से संबंधित किसी प्रकार की विसंगति है, उनके मामलों की निर्धारित प्रक्रिया के तहत सुनवाई की जाएगी। यह सुनवाई 24 अगस्त 2026 से शुरू होगी।
उन्होंने संबंधित मतदाताओं से अपील की कि सुनवाई के दौरान अपनी पहचान से संबंधित आवश्यक जानकारी तैयार रखकर उपस्थित हों। जिस व्यक्ति से मैपिंग की जानी है, उसकी जानकारी, जैसे माता-पिता, दादा-दादी अथवा अन्य संबंधित पूर्वजों की जानकारी के साथ जन्म स्थान एवं जन्म वर्ष जैसी आवश्यक सूचनाएं भी उपलब्ध रखें।
जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि सुनवाई के दौरान निर्धारित 11 दस्तावेजों में से उपलब्ध वैध दस्तावेजों के आधार पर संबंधित मामलों का सत्यापन किया जाएगा। निर्धारित प्रक्रिया के तहत प्रत्येक संबंधित व्यक्ति को अपना पक्ष रखने के लिए सुनवाई का अवसर प्रदान किया जाएगा। यदि कोई व्यक्ति निर्धारित तिथि को किसी अपरिहार्य कारण से उपस्थित नहीं हो पाता है, तो नियमानुसार उसे दूसरा अवसर भी प्रदान किया जाएगा।
पंचायत भवनों और सरकारी भवनों में बनाए जा रहे सुनवाई स्थल
बड़ी संख्या में मामलों की सुनवाई को देखते हुए जिला प्रशासन की ओर से लोगों की सुविधा का भी ध्यान रखा जा रहा है। जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि यथासंभव पंचायत भवनों एवं अन्य उपलब्ध सरकारी भवनों में सुनवाई स्थल निर्धारित किए जा रहे हैं, ताकि संबंधित लोगों को अनावश्यक रूप से दूर की यात्रा नहीं करनी पड़े और वे अपने नजदीकी स्तर पर सुनवाई की प्रक्रिया में शामिल हो सकें।
बैठक में जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से भी 22 एवं 23 अगस्त को आयोजित होने वाले विशेष शिविरों तथा एसआईआर 2026 के तहत 24 अगस्त से शुरू होने वाली सुनवाई का व्यापक प्रचार-प्रसार अपने स्तर से करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि मतदाता सूची को शुद्ध, त्रुटिरहित एवं अद्यतन बनाने में सभी राजनीतिक दलों, प्रशासनिक अधिकारियों, कर्मियों एवं आम नागरिकों की सहभागिता महत्वपूर्ण है। एसआईआर की पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी एवं निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
बैठक में उप निर्वाचन पदाधिकारी एवं विभिन्न मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।




