हिंदू समाज पार्टी के राष्ट्रीय संरक्षक संजीव कुमार सिंह ने विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें भारत के इतिहास में सबसे अधिक ‘वैचारिक और नैतिक रूप से गिरावट वाली’ जमात बताया है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी, अखिलेश यादव, ममता बनर्जी और वामपंथी दलों की गतिविधियों के कारण ही मोदी-शाह की सरकार लगातार मजबूत बनी हुई है। साथ ही, उन्होंने केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों और भ्रष्टाचार के मुद्दों पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं।
विपक्ष के ‘नंगे चेहरे’ और मोदी-शाह की सफलता का गणित
नई दिल्ली में एक प्रेस बयान जारी करते हुए हिंदू समाज पार्टी के राष्ट्रीय संरक्षक संजीव कुमार सिंह ने देश की राजनीति पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत के विपक्षी दल हिंदू सनातनी और राष्ट्रवादी बहुसंख्यक समाज के खुले विरोधी बन चुके हैं। श्री सिंह ने कहा कि राहुल गांधी, अखिलेश यादव, ममता बनर्जी, तेजस्वी यादव और वामपंथी नेताओं की मानसिकता ‘सड़ी हुई’ है, और इन्हीं नेताओं की भारत विरोधी गतिविधियां अनजाने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह की सफलता का सबसे बड़ा कारण बन रही हैं।
सरकार की नीतियों पर भी उठाए गंभीर सवाल
विपक्ष पर हमला बोलने के साथ-साथ श्री संजीव सिंह ने मोदी-शाह सरकार की कार्यप्रणाली पर भी कई सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि सत्ताधारी दल के दावों के विपरीत, उनके कार्यकाल में कई मोर्चों पर चुनौतियां बढ़ी हैं:
-
आर्थिक स्थिति: उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार के दौरान भारत विश्व बैंक का सबसे बड़ा कर्जदार बन चुका है।
-
भ्रष्टाचार: एस्टीमेट घोटाला और विभागीय भ्रष्टाचार को उन्होंने चरम पर बताया।
-
महंगाई और बेरोजगारी: उन्होंने कहा कि महंगाई और बेरोजगारी आम जनता की कमर तोड़ रही है।
-
जातिवाद: सरकार पर योजनाओं के नाम पर भयंकर जातिवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाया।
सनातन समाज की उपेक्षा का आरोप
संजीव सिंह ने अपनी नाराजगी जताते हुए कहा कि हिंदू सनातन समाज की आकांक्षाओं को पूरा करने में यह सरकार विफल रही है। उन्होंने तर्क दिया कि न तो बहुसंख्यक समाज के लिए कोई विशेष आयोग बनाया गया, न ही गौवंश हत्या पर देशव्यापी प्रतिबंध लगा। उनके अनुसार, सनातन समाज के लिए किसी भी सार्थक योजना का निर्माण नहीं किया गया है।
विपक्ष के ‘नार्को टेस्ट’ की मांग
श्री सिंह ने यहाँ तक कहा कि यदि विपक्षी नेताओं का नार्को टेस्ट या ब्रेन मैपिंग कराई जाए, तो उनके अंतरराष्ट्रीय भारत-विरोधी एजेंसियों के साथ गहरे संबंध खुलकर सामने आ जाएंगे। उन्होंने विपक्ष के चरित्र को ‘नंगा’ बताते हुए कहा कि यह जमात भारत के बहुसंख्यक समाज को देखना तक पसंद नहीं करती।






