तालझारी के आयुष्मान आरोग्य मंदिर, बालापोखर में ‘100 दिन टीबी मुक्त अभियान’ के तहत एक बृहद स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में आधुनिक डिजिटल एक्स-रे मशीन से 60 लाभार्थियों की छाती की जांच की गई, जबकि 90 अन्य लोगों की स्क्रीनिंग की गई। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जरूरतमंदों को मुफ्त दवाइयाँ और चिकित्सीय परामर्श प्रदान किया। इस अभियान का उद्देश्य टीबी की समय पर पहचान और त्वरित उपचार सुनिश्चित करना है।
टीबी मुक्त तालझारी का संकल्प: स्वास्थ्य विभाग ने लगाया बृहद शिविर
क्षेत्र को टीबी मुक्त बनाने के अपने संकल्प को दोहराते हुए, स्वास्थ्य विभाग ने तालझारी के आयुष्मान आरोग्य मंदिर, बालापोखर में एक दिवसीय स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया। यह शिविर भारत सरकार द्वारा संचालित ‘100 दिन टीबी मुक्त अभियान’ का हिस्सा है, जिसका लक्ष्य जमीनी स्तर पर टीबी संक्रमण को जड़ से खत्म करना है।
अत्याधुनिक तकनीक से टीबी की पहचान
शिविर की सबसे बड़ी विशेषता अत्याधुनिक डिजिटल फोटो एक्स-रे मशीन का उपयोग रही। इसके माध्यम से 60 लाभार्थियों के चेस्ट का एक्स-रे किया गया, जिससे टीबी के लक्षणों की सटीक और त्वरित पहचान संभव हो सकी। इसके साथ ही, 90 अन्य लाभार्थियों की गहन स्क्रीनिंग की गई, ताकि किसी भी संभावित संक्रमण को शुरुआती चरण में ही पकड़ा जा सके।
परामर्श और मुफ्त दवाओं का वितरण
जांच के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य के लिए जरूरी परामर्श दिए। योग्य लाभार्थियों को नि:शुल्क दवाइयाँ भी वितरित की गईं। इस दौरान सीएचओ एनी मरांडी, एएनएम बंटी किस्कू, प्रियंका कुमारी, विद्या कुमारी, लैब टेक्नीशियन आशुतोष कुमार, डाटा मैनेजर हर्ष कुमार और वरीय यक्ष्मा पर्यवेक्षक कुणाल हांसदा के साथ सहिया साथी सीमा देवी और पुनीता देवी मौजूद रहीं।
स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति जागरूकता
वरिय यक्ष्मा पर्यवेक्षक कुणाल हांसदा ने बताया कि टीबी का इलाज पूरी तरह से संभव है, बशर्ते इसकी पहचान समय पर हो जाए। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे स्वास्थ्य शिविरों का लाभ उठाएं और यदि उन्हें खांसी या टीबी से संबंधित कोई भी लक्षण महसूस हो, तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर संपर्क करें। यह शिविर तालझारी को एक स्वस्थ और टीबी मुक्त समाज बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।




