
पटना: बिहार सरकार ने राज्य में बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण सेवाओं को और अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राज्य स्वास्थ्य समिति के शिशु स्वास्थ्य कोषांग द्वारा चाइल्ड हेल्थ डेटा वैलिडेशन अभियान शुरू किया गया है। इस पहल का उद्देश्य बच्चों से जुड़े स्वास्थ्य आंकड़ों को प्रमाणित कर योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और लाभार्थियों तक समय पर सेवाएं पहुंचाना है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, इस अभियान के तहत डायरिया नियंत्रण के लिए ओआरएस और जिंक की उपलब्धता, नवजात शिशुओं के जन्म के बाद होने वाले गृह भ्रमण (Home Visit), स्तनपान को बढ़ावा देने तथा पोषण पुनर्वास केंद्र (NRC) में गंभीर रूप से कुपोषित बच्चों के उपचार और फॉलो-अप की सटीक निगरानी की जाएगी।
आईजीआईएमएस के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. रिजवान अहमर ने कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण से जुड़ी योजनाओं की सफलता विश्वसनीय आंकड़ों पर निर्भर करती है। उनका मानना है कि यह पहल समाज के अंतिम पायदान तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने और राज्य के मानव विकास सूचकांक को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
राज्य स्वास्थ्य समिति ने सभी जिलों के सिविल सर्जनों और प्रमुख चिकित्सा महाविद्यालयों के अधीक्षकों को इस अभियान में सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए हैं। विभाग का लक्ष्य चाइल्ड हेल्थ से जुड़े प्रत्येक इंडिकेटर का सटीक डेटा तैयार करना है, ताकि भविष्य में बच्चों के स्वास्थ्य के लिए और अधिक प्रभावी नीतियां बनाई जा सकें। इस तकनीकी प्रक्रिया और निगरानी अभियान में यूनिसेफ का भी सहयोग प्राप्त हो रहा है।

