साहिबगंज कॉलेज में स्नातक नामांकन की सीटों में भारी कटौती के विरोध में सोमवार को छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा। आदिवासी कल्याण छात्रावास के छात्रनायक अमित हंसदा और छात्र सचिव बाबू धन सोरेन के नेतृत्व में दर्जनों विद्यार्थियों ने कॉलेज परिसर में प्रदर्शन करते हुए प्राचार्य का घेराव किया और कॉलेज प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
प्रदर्शन कर रहे छात्रों का आरोप है कि पिछले वर्ष स्नातक में कुल 5,570 सीटें थीं, जिन्हें इस वर्ष घटाकर 2,820 कर दिया गया है। उनका कहना है कि सीटों में इतनी बड़ी कटौती से हजारों विद्यार्थियों के उच्च शिक्षा प्राप्त करने के अवसर प्रभावित होंगे। छात्रों ने सवाल उठाया कि क्या संताल परगना क्षेत्र में गरीब विद्यार्थियों की संख्या कम हो गई है, जो सीटों में इतनी बड़ी कमी कर दी गई।
छात्रों ने कहा कि क्षेत्र के अधिकांश विद्यार्थी आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आते हैं। ऐसे में सीटों की संख्या घटने से बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं नामांकन से वंचित रह सकते हैं। उन्होंने स्नातक के विभिन्न विषयों में सीटों की कटौती को तत्काल वापस लेने की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने कॉलेज प्रशासन पर परिसर की बदहाल व्यवस्था का भी आरोप लगाया। उनका कहना था कि कॉलेज परिसर में जगह-जगह घास उगी हुई है और दिन-रात मवेशी घूमते रहते हैं, जिससे शैक्षणिक माहौल प्रभावित हो रहा है। छात्रों ने आरोप लगाया कि कॉलेज प्रशासन व्यवस्था बनाए रखने में पूरी तरह विफल साबित हो रहा है।
वहीं, कॉलेज के प्राचार्य प्रो. एस.आर.आई. रिजवी ने बताया कि नई शिक्षा नीति (NEP) के तहत इस वर्ष सभी कॉलेजों में स्नातक सीटों की संख्या कम की गई है। उन्होंने कहा कि छात्रों द्वारा सौंपे गए मांगपत्र को आवश्यक कार्रवाई के लिए विश्वविद्यालय के कुलपति को भेज दिया गया है। सरकार और विश्वविद्यालय से जो भी निर्देश प्राप्त होंगे, उनका पालन किया जाएगा।
नामांकन और शैक्षणिक कार्य प्रभावित
छात्रों के विरोध प्रदर्शन के कारण सोमवार को कॉलेज में नामांकन, कक्षाओं और कई प्रशासनिक कार्यों पर असर पड़ा। कई विभाग बंद रहने से नामांकन कराने और पढ़ाई के लिए पहुंचे विद्यार्थियों को पूरे दिन परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रदर्शन में संदीप मुर्मू, पोलूस मुर्मू, इलियास हेंब्रम समेत बड़ी संख्या में छात्र मौजूद रहे।





