गोड्डा। पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने समेत बैंक कर्मचारियों की विभिन्न लंबित मांगों को लेकर शुक्रवार को आयोजित राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल का गोड्डा जिले में व्यापक असर देखने को मिला। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित राष्ट्रीयकृत बैंकों एवं ग्रामीण बैंकों की कई शाखाओं में ताला लटका रहा और बैंकिंग सेवाएं प्रभावित रहीं। झारखंड ग्रामीण बैंक के गोड्डा क्षेत्र की सभी 52 शाखाओं में बैंकिंग कार्य पूरी तरह ठप रहा, जबकि जिले की 22 शाखाएं बंद रहीं। भारतीय स्टेट बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बड़ौदा और पंजाब नेशनल बैंक समेत अन्य बैंकों में भी कामकाज प्रभावित रहा।
ग्रामीण बैंकों की हड़ताल ऑल इंडिया रीजनल रूरल बैंक एम्प्लाइज एसोसिएशन तथा अन्य बैंकों की हड़ताल यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर हुई। कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करना, पीएलआई व्यवस्था और अन्य लंबित मांगें शामिल हैं। 8 और 9 सितंबर को हुई वार्ता में पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था को लेकर ठोस एवं समयबद्ध आश्वासन नहीं मिलने के बाद हड़ताल जारी रखने का निर्णय लिया गया। गोड्डा के क्षेत्रीय कार्यालय में झारखंड ग्रामीण बैंक कर्मचारी संघ के महासचिव नितेश कुमार मिश्रा के नेतृत्व में कर्मचारियों ने नारेबाजी कर विरोध जताया।
नितेश कुमार मिश्रा ने कहा कि यह आंदोलन किसी एक बैंक या संगठन तक सीमित नहीं है। देशभर के ग्रामीण बैंक कर्मचारियों एवं बैंकिंग क्षेत्र के कर्मचारी-अधिकारी पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था की मांग को लेकर एकजुट हैं। उन्होंने कहा कि 8 मार्च 2024 के 12वें द्विपक्षीय समझौते एवं 9वें संयुक्त नोट में पांच दिवसीय बैंकिंग के संबंध में सहमति बनने के बावजूद इसके क्रियान्वयन में देरी से कर्मचारियों में असंतोष है। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगों पर सकारात्मक और समयबद्ध निर्णय नहीं होने पर आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 28 से 30 सितंबर 2026 तक तीन दिवसीय हड़ताल तथा 26 अक्टूबर 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी। हड़ताल के कारण जिले में अनुमानतः करीब 200 करोड़ रुपये का बैंकिंग कारोबार प्रभावित हुआ।




