गोड्डा की विशेष पोक्सो अदालत ने नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में दोषी करार दिए गए नानू कर्मकार (निवासी सालबनी, तीनपहाड़, साहेबगंज) को 22 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश सह जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम कुमार पवन की अदालत ने पोक्सो अधिनियम की धारा 4(2) के तहत यह सजा सुनाते हुए 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। जुर्माना अदा नहीं करने पर एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। इसके अलावा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 96 के तहत सात वर्ष कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा भी सुनाई गई है। दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
अभियोजन के अनुसार, 21 नवंबर 2025 को ललमटिया थाना में दर्ज प्राथमिकी में पीड़िता की मौसी ने आरोप लगाया था कि आरोपी नाबालिग को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। बाद में पीड़िता के घर लौटने पर उसकी शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया।
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने न्यायालय में छह गवाहों के बयान प्रस्तुत किए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।




